किसानों को नहीं मिल पाएगा गेहूं के अधिक उत्पादन का लाभ

किसानों को नहीं मिल पाएगा गेहूं के अधिक उत्पादन का लाभकिसान को नहीं मिलेगा गेहूं के अधिक उत्पादन का लाभ।

दिवेन्द्र सिंह , स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। इस रबी सीजन में गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान है, लेकिन गेहूं खरीद का लक्ष्य इतना कम रखा गया है, जिससे किसानों को इस बार गेहूं के बंपर उत्पादन का फायदा नहीं मिल पाएगा।

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एक अप्रैल से प्रदेश भर के सरकारी केन्द्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो रही है। पिछले रबी सीजन में भी केन्द्र अपना खरीद लक्ष्य नहीं पूरा कर पाया था। केन्द्र सरकार ने इस साल गेहूं के लिए 1625 रुपए प्रति कुंतल का न्यूनतम समर्थन मूल्य रखा है और इसी भाव पर सरकारी एजेंसियां किसानों से गेहूं की खरीद करेंगी।

सरकारी खरीदों पर गेहूं न बिक पाने का एक कारण समय से भुगतान न होना भी है। प्रतापगढ़ जिले के बाबागंज ब्लॉक के शकरदहा गाँव के किसान (40 वर्ष) कहते हैं, “गेहूं हो या फिर धान, सरकारी केन्द्रों पर बेचने जाओ तो समय से पैसे भी नहीं मिलते हैं। व्यापारी भले कम दाम देते हैं, लेकिन तुरंत नकद रुपए मिल जाते हैं।”

कृषि विभाग के अनुसार, इस बार रबी में 510 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है। देश में कुल गेहूं के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का लगभग एक तिहाई योगदान होता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के लिए खाद्य मंत्रालय द्वारा खरीदे गए लक्ष्य का इस वर्ष केवल तीन लाख टन रखा गया है।

इस बार देश भर में कुल 330 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले सीजन में सिर्फ 230 लाख टन की खरीद हो पायी थी। इस साल गेहूं उत्पादन 966 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है, जो अब तक का सबसे अधिक उत्पादन होगा।

उत्तर प्रदेश में हाल खराब

कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ तीन राज्य पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद प्रभावी ढंग से हो रही है। पंजाब और हरियाणा में क्रमशः 1,734 और 365 खरीद केंद्र हैं, लेकिन वे उत्तर प्रदेश में 4,000 से अधिक केंद्रों की होने के बाद भी बेहतर ढंग से खरीद नहीं हो पाती है।

इस बार गेहूं की बंपर पैदावार रहने की उम्मीद है। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। विभाग पूरी कोशिश करता है कि जितना लक्ष्य रखा जाता है, उससे ज्यादा खरीद कर ली जाए। इस बार भी यही कोशिश रहेगी।
डीपी सिंह, उपकृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश कृषि विभाग

970 लाख टन पैदावार होने का अनुमान

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष चालू रबी सीजन में गेहूं की बुवाई पिछले वर्ष के मुकाबले सात प्रतिशत बढ़कर लगभग 320 लाख हेक्टेयर में हुई है। इस वर्ष अच्छी मानसून के चलते जमीन में उच्च उत्पादन के लिए पर्याप्त नमी भी बनी हुई है, जिससे 970 लाख टन पैदावार होने का अनुमान है। वहीं पिछले वर्ष विश्व के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक देश भारत में लगभग 920 लाख टन गेहूं का ही उत्पादन हुआ था।

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