किसानों की फसल खराब कर रही गायों को पालने के लिए बनायी गोशाला

किसानों की फसल खराब कर रही गायों को पालने के लिए बनायी गोशालापशुओं के पानी पीने के लिए पक्की चरही बनायी गयी है।

प्रभाकर सिंह, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

चित्रकूट। बुन्देलखण्ड के किसान जहां अन्ना पशुओं से परेशान हैं। वहीं अखिल भारतीय समाजसेवा संस्थान के संस्थापक गोपाल भाई ने बांदा जिले के खुरहण्ड ब्लाक के छह गाँव बिगहना, यमरेही, खुरहण्ड, जखनी, छिबांव व मकरी के किसानों को मिलाकर गोसेवा सदन समिति बना डाली है।

इनमें 310 ऐसी गायें हैं जो कई वर्षों से किसानों के खेत को उजाड़ रहीं थीं व मारपीट का शिकार हो रहीं थी, कोई ठिकाना नहीं था। ऐसी गायों को गोपाल भाई ने अपना एक एकड़ का खेत सम्पूर्ण घेरवाड़ सहित समिति को सौंप दिया है। किसान परेशान थे। कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा था, जिसमें छह गाँवों के किसानों ने मिलकर गोपाल भाई के नेतृत्व में एक विशाल सभा का आयोजन किया, इसमें पशुओं को एक गाँव से दूसरे गाँव में खदेड़ने के खेल को खत्म करने का निर्णय लिया गया। उन्हें संरक्षण देने की बात पर भी छह गाँव के लोंगों ने मोहर लगा दी है। साथ ही जहर मुक्त खेती करने का निर्णय लिया है।

पशुओं के पानी पीने के लिए पक्की चरही बनायी गयी है। उनकी देखरेख के लिए दो पूर्णकालीन कार्यकर्ता उनकी सेवा में लगाये गये हैं। 15 फरवरी तक के लिए सम्पूर्ण क्षेत्र से अपने-अपने स्तर पर बैलगाड़ी और ट्रैक्टर से पुआल लाकर जमा कर दिया गया है। इस गोशाला से गोबर इकठ्ठा हो रहा है, गोमूत्र इकठ्ठा करने का प्रयास किया जा रहा है।

अभी एक गाय मर गई थी, जिसे वहीं जमीन में दफनाया गया है। इस कार्य से क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है तथा अब उन्हें रात-रात भर जगकर खेत नहीं ताकना पड़ता।
गोपाल भाई, संस्थापक, अखिल भारतीय समाजसेवा संस्थान

स्थानीय गो-सेवा सदन समिति बनायी गयी है। उसके संरक्षक रामकुमारी गोपाल, रामयश द्विवेदी, तथा अनूप सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख खुरहण्ड हैं तथा अध्यक्ष गुलाब सिंह यमरेही, प्रबन्धक गंगाचरण विगहना, कोषाध्यक्ष नत्थू खां यमरेही तथा सभी क्षेत्रों के प्रधान समिति के सदस्य बनाये गये हैं। जखनी प्रधान पाण्डेय, रामकिशोर राणा, देश राज शिक्षक तथा अन्य लोगों ने 15000 रुपए की धनराशि गोसेवा के लिए समर्पित की है।

समिति ने जिला प्रशासन को जनवरी प्रथम सप्ताह मे पत्र भेजकर अवगत कराया है। साथ ही उत्तर प्रदेश तथा कृषि मंत्री भारत सरकार को भी रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेजा है। किसानों ने बताया कि नेतृत्व और तंत्र की ओर से किसी प्रकार की कोई प्रतिकिया समिति को प्राप्त नहीं हुई है।

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