आलू का समर्थन मूल्य तय होने के बाद भी नहीं खोले गए आलू खरीद केंद्र, किसान परेशान

आलू का समर्थन मूल्य तय होने के बाद भी नहीं खोले गए आलू खरीद केंद्र, किसान परेशानएक महीना बीत जाने के बाद भी आलू खरीद केंद्र नहीं खोले गए हैं।

उपदेश कुमार, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

कानपुर। प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए आलू का समर्थन मूल्य तो घोषित कर दिया है, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी आलू खरीद केंद्र नहीं खोले गए हैं। इससे किसान खासे परेशान हैं।

कानपुर जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर बसे बकोठी निवासी किसान आशीष मिश्र (50 वर्ष) ने बताया, “सरकार ने आलू का समर्थन मूल्य तो घोषित कर दिया है, लेकिन खरीद केंद्र नहीं खुले हैं। किसान आलू कहां बेचें।”

आशीष आगे बताते हैं, “कोल्ड स्टोरेज का महंगा भाड़ा और मंडी तक ले जाने का खर्चा तो दूर किसानों को आलू की उत्पादन लागत मिलती भी इस बार नहीं दिख रही है। यदि शासन-प्रशासन जल्द न चेता तो क्षेत्र में इस बार टनों आलू फेंका जाएगा।” आलू किसान ओमचंद्र कुशवाहा ने बताया, “किसानों को अपनी फसल उगाने में लगी लागत सीधी होती भी नहीं दिख रही है। सरकार को भी आलू किसानों की कोई चिंता नहीं है। खरीद केंद्र भी नहीं खुले।”

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जनपद में शासन स्तर से अभी तक आलू खरीद केंद्र खोलने को लेकर कोई आदेश नहीं आया है, जैसे ही आदेश मिलता है वैसे ही पूर्व निर्धारित स्थानों पर खरीद केंद्र संचालित कर खरीद शुरू करा दी जाएगी।
सीपी अवस्थी, जिला उद्यान अधिकारी, कानपुर

कई आलू किसानों के साथ आलू बिक्री पर चर्चा कर रहे क्षेत्र के लालपुर ग्राम पंचायत के प्रधान सुशील कटियार ने बताया, “तीन साल से आलू के सही दाम न मिलने से किसानों की कमर टूट चुकी है। अबकी बार तो पिछले वर्ष से ज्यादा खराब स्थित है। पहाड़ी आलू आने को है, लेकिन यहां का आलू कोई खरीदने को तैयार नहीं है। 487 रुपए प्रति कुंतल आलू खरीद रेट घोषित होने के बाद भी आलू किसानों को कोई लाभ नहीं होगा।”

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मंडी में आलू भाव एक नजर में

  • हाइब्रिड आलू 250 से 280 रुपए प्रति पैकेट
  • आलू लाल गुलाल 300 से 350 रुपए प्रति पैकेट
  • चिपसोना 350 से 400 रुपए प्रति पैकेट

बहरमापुर गाँव के किसान विजय द्विवेदी (40 वर्ष) ने बताया, “इस बार आलू किसानों को घाटे से कोई नहीं बचा सकता है। ” राढ़ा, सैबसू, घिमऊ, सांभी, सिहुरा, अरौल, बरौली, चंडाली, नानामऊ, बकोठी, हिलालपुर, बेर्रा, देवकली, रौगांव सहित कई दर्जन गाँवों में हजारों आलू किसानों ने अपनी फसल कोल्ड स्टोरेज में भंडारित कर रखी है। किसान सरकार द्वारा खरीद केंद्र खुलने पर 487 रुपए प्रति कुंतल आलू बेचने का मन बना रहे हैं, लेकिन आलू खरीद केंद्र न खुलने से किसानों में मायूसी है।

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