किसानों ने कहा, किसान आयोग का हो गठन, साठ साल बाद हमें भी मिले पेंशन

किसानों ने कहा, किसान आयोग का हो गठन, साठ साल बाद हमें भी मिले पेंशनकलेक्ट्रेट में अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर धरना देता भारतीय किसान यूनियन (भानू)।

आभा मिश्रा, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

कन्नौज। मध्य प्रदेश गोली कांड में मारे गए किसानों के परिजनों को पांच-पांच करोड़ रुपए दिलाने की मांग शुरू हो गई है। इसके अलावा किसान आयोग के गठन और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की भी बात कही।

सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने इसको लेकर डीएम की चौखट पर धरना भी दिया। यूनियन के जिलाध्यक्ष गंगाचरन यादव ने कहा, ‘‘भारत सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान कर्ज में डूब चुका है, जिसे पूरी तरह से माफ किया जाए। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट तुरंत लागू कर फसलों को बेहतर मूल्य दिया जाए। खेती को उद्योग का दर्ज भी मिले।’’

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जिलाध्यक्ष ने आगे कहा, ‘‘किसान आयोग का तत्काल गठन किया जाए। जो किसान 60 साल की उम्र पूरी कर लें, उनको पेंशन दी जाए। सांसद और विधायकों को भी पेंशन मिलती है।” मजदूर मोर्चा जिलाध्यक्ष रामकृपाल यादव ने बताया, ‘‘जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए एग्रीकल्चर सिक्योरिटी फोर्स का गठन हो, जिसमें किसानों और शिक्षित नौजवानों की नियुक्ति की जाए।”

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गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा, ‘‘किसानों को भी जवानों की भांति दुर्घटना बीमा का भुगतान किया जाए। साथ ही किसानों की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए 30 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दिलाई जाए।” किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन डीएम जगदीश प्रसाद को दिया। उन्होंने ज्ञापन आगे भेजने का भरोसा भी दिया। बाद में यूनियन ने एडीएम आवास के सामने धरना दिया।

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