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सरकारी अस्पताल में पैसे लेकर हो रहा एक्स-रे 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

बहराइच। जिला चिकित्सालय में नि:शुल्क इलाज के नाम पर मरीजों से धनउगाही की जा रही है। यहां के कर्मचारियों की अतिरिक्त धन कमाने की इच्छा के चलते दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों से शुल्क लेकर जांच की जाती है।

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मां का टीबी का इलाज कराने आए तिमारदार असलम बताते हैं, “30 रुपए शुल्क न देने की वजह से प्राइवेट एक्स-रे सेन्टर पर जाकर एक्स-रे करवाना पड़ा। साथ ही जो दवा अन्दर से मिलती थी वह सारी दवाएं भी बाहर लिख दी गईं।” जिला चिकित्सालय का एक्स-रे रूम में ऊपर रखी पानी की टंकी की वजह रिसाव होता रहता है। टीबी वार्ड में जाते ही दवा से लेकर जांच तक सब कुछ निःशुल्क होने की बात दिवारों पर लिखी है। इसके बावजूद प्रत्येक मरीज से शुल्क लेकर ही इलाज शुरू होता है। चिकित्सालय में इलाज कराने आई टीबी मरीज मरियम, पत्नी सलारगंज निवासी शमशुद्दीन को भी डॉक्टरों ने एक्स-रे कराने की सलाह दी।

जब वह एक्स-रे रूम में पहुंची तो वहां मौजूद टेक्नीशियन ने भी सुविधा शुल्क मांगा। इस पर परेशान मरियम ने कोई भी प्रश्न न करते हुए 30 रुपए सुविधा शुल्क के नाम पर दिया। इसके बाद उनका एक्से-रे हो सका। इस सन्दर्भ में जब मौजूदा टेक्नीशियन से जब गाँव कनेक्शन के संवाददाता ने बात की तो उसके माथे से पसीना छूट गया। वह इस बात का जवाब देने के बजाय टेक्निकल प्रॉब्लम और रूम की अव्यवस्था का हवाला देने लगा। उसका सीधा मकसद था कि इस प्रश्न का उत्तर उसे न देना पड़े, लेकिन वहां मौजूद मरीजों ने बताया कि सुविधा शुल्क देने के बाद एक्स-रे किया जाता है।

इस बारे में जब सीएमओ डॉ. अरुण लाल से बात की गई तो उन्होनें यह कहकर फोन काट दिया कि वह अभी मीटिंग में व्यस्त हैं बाद में बात करेंगे।

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