सियासत की जंग में उड़ेगा चेहरे का रंग 

सियासत की जंग में उड़ेगा चेहरे का रंग जिले में विधानसभा चुनाव के लिए जिले की छह विधानसभा सीटों पर मतदान हो चुका है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

रायबरेली। जिले में विधानसभा चुनाव के लिए जिले की छह विधानसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। वोटिंग खत्म हो जाने के बाद अब लोगों ने हार-जीत की कयास लगाना शुरू कर दिया है। किसके सिर सजेगा जीत का ताज, किसकी होगी होगी हार जैसे मुद्दे जनता के बीच चर्चा का विषय बनने लगे हैं। हर कोई अपने प्रत्याशी को भारी बहुमत से जिताने में लगा है।

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जिले में सदर विधानसभा सीट पर दो महिलाएं एक दूसरे को चुनौती दे रही हैं। इसमें पूर्व कांग्रेस के दिग्गज नेता अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह पहली बार कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं और दूसरी तरफ भाजपा की ओर से अनीता श्रीवास्तव उनके विरोध में चुनाव में खड़ी हैं।

रायबरेली जिले में खुद का व्यवसाय चला रहे शिव कुमार अग्रवाल बताते हैं, ‘’जिले में हुए विधानसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सभी पार्टियों के प्रत्याशी एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। किसकी जीत होगी और किसे हार मिलेगी यह नहीं तय हो पा रहा है।’’

जिले में इस बार सदर विधानसभा सीट पर कांग्रेस की बड़ी जीत का अनुमान लगाया जा रहा है तो वहीं ऊंचाहार सीट पर नूरा कुश्ती लड़ रही सपा-कांग्रेस पार्टियों को भाजपा की कड़ी टक्कर मिलने की बाते ज़ोरो पर हैं।

जिले में ऊंचाहार विधानसभा सीट पर भाजपा, कांग्रेस और सपा के बीच चुनावी दंगल हो रहा है। इसमें भाजपा से उत्कर्ष मौर्य (स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे), कांग्रेस से अजय पाल सिंह और सपा से कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय आमने- सामने हैं। ऊंचाहार में इलेक्ट्रानिक की दुकान चलाने वाले मुकेश गुप्ता (53 वर्ष) बताते हैं, ‘’वैसे तो क्षेत्र में कांग्रेस और सपा के बीच फ्रेंडली वार है, लेकिन यहां से भाजपा, सपा और कांग्रेस किसी को भी जीत मिल सकती है।’’ जिले में जिस सीट पर सबसे अधिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है वह है बछरावां विधानसभा सीट। यहां पर सपा से बागी नेता रामलाल अकेला रालोद से और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राम नरेश रावत के बीच मुकाबला है। अब देखना है कि किस्मत किसका साथ देती है।

बछरावा ब्लॉक में कन्नावा ग्राम पंचायत के निवासी रंजन दीक्षित (48 वर्ष) बताते हैं, ‘’राम लाल अकेला यहां से विधायक हैं। इसलिए भले ही वो अब सपा में नहीं है, पर क्षेत्र के अधिकतर लोग उनका समर्थन कर रहे हैं। दूसरी तरफ प्रदेश में भाजपा की लहर देखते हुए राम नरेश भी उन्हें अच्छी चुनौती दे रहे हैं। देखो किसकी जीत होती है।”

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