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जनाब ये कोई खंडहर नहीं तीस वर्षों से बंद पड़ा अस्पताल है

जनाब ये कोई खंडहर नहीं तीस वर्षों से बंद पड़ा अस्पताल हैबागपत जनपद के चांदीनगर के ढिकोली गाँव में बना अस्पताल करीब 30 वर्षों से बंद है।

मोहित कुमार सैनी, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

मेरठ। बागपत जनपद के चांदीनगर के ढिकोली गाँव में बना अस्पताल करीब 30 वर्षों से बंद है। चिकित्सालय खंडहर में तब्दील होने की कगार पर है। आसपास के लोग अस्पताल में गोबर भी डालने लगे हैं। कई बार जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। यहां के लोगों को इलाज के लिए करीब बीस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने अस्पताल को बनवाने व डॉक्टरों की तैनाती को लेकर धरना-प्रदर्शन भी किया।

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जिले के सभी अस्पतलों के मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही डॉक्टरों की भी नवीन तैनाती दी जाएगी। इस गाँव का मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। अब इस तरह के मामलों को जल्द से जल्द निपटना होगा।
डॉ.सुषमा कुमारी, जिला चिकित्साधिकारी

बागपत तहसील अंतर्गत स्थित ढिकोली गाँवों के लोगों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब 60 वर्ष पहले जिला परिषद द्वारा इस अस्पताल का निर्माण कराया गया था। करीब 25 साल तक तो सबकुछ ठीक चला, लेकिन इसके बाद एक-एक करके सभी कर्मचारियों का यहां से स्थानांतरण हो गया। करीब 30 वर्ष का समय बीत गया, लेकिन किसी भी कर्मचारी की तैनाती यहां नहीं हुई।

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ढिकोली निवासी रामबीर (45 वर्ष) ने बताया, “यहां पर कोई कर्मचारी नहीं तैनात है। हम लोगों को इलाज के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। इस अस्पताल को फिर से शुरू करने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ।” इसी गाँव के निवासी महिपाल (30 वर्ष) ने बताया, “यह अस्पताल लोगों के भूसे रखने के काम आ रहा है। सांसद डॉ. सतपाल चुनाव के बाद एक बार भी गाँव की सुध लेने के लिए नहीं पहुंचे। सभी नेता चुनाव के समय चुनावी वादे करके चले जाते हैं। गाँव के लोगों की जिंदगी भगवान भरोसे है।”

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