विदेश से आए लोगों ने जाना कैसे की जाती है खेती

विदेश से आए लोगों ने जाना कैसे की जाती है खेतीअमेरिका से आए लोगों ने हल भी चलाया।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क
इटावा।
अमेरिका से आए लोगों ने खेत में हल चलाकर देखा कि कैसे खेत में अनाज उगाया जाता है तो ईंट भट्टे पर ईंट भी बनायी। ईंट बनाने की प्रक्रिया को समझने के साथ उससे जुड़े कारीगरों और मजदूरों के साथ अनुभव साझा किया।

इटावा जिले के भरथना ब्लॉक के मोढ़ी गाँव में विदेश से आए लोगों ने ग्रामीण परिवेश को करीब से देखा। त्रिवेदी फाउंडेशन के संस्थापक अमेरिका के अध्यात्मिक गुरु महेन्द्र त्रिवेदी के साथ कई देशों के लोगों ने गाँव के बारे में जानकारी ली। कई लोगों ने हल चलाकर भी देखा। गाँव के रमेश गुप्ता ने कहा, "अच्छा लगता है जब दूसरे गाँव से लोग हमारे गाँव में खेती के बारे में जानकारी लेने आते हैं, कि हम कैसे खेती कर रहे हैं, हम क्या उगाते हैं।"

ईंट भट्टे पर जानकारी लेते लोग।

लक्ष्मी ईंट भट्टा पर पहुंचे और वहां पर विदेशियों ने मजदूर राम सिंह से ईंट बनाने की जानकारी ली। राम सिंह ने लोगों को बताया, "मैं एक दिन में लगभग 450 ईंट पाथ लेता हूं।"

महेन्द्र त्रिवेदी ने बताया, "विदेशियों में भारत के गाँवों को लेकर जिज्ञासा होती है, कि कैसे खेतों में अनाज उगाया जाता है, गाँव के लोग कैसे रहते हैं, इसलिए अलग-अलग देशों के 72 लोग मेरे साथ गाँव का भ्रमण करने आए हैं। ऐसे में वो करीब से गाँव को देख और समझ रहे हैं।"

इटावा में अमेरिका से आए लोगों ने देखा कैसे की जाती है खेती, कैसे बनता है भट्ठे पर ईँट

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