सोलर पंप से हो रही फसल की सिंचाई 

सोलर पंप से हो रही फसल की सिंचाई सिंचाई का नया साधन बन रहा है वोल्टिक सोलर पंप।

इश्त्याक खान, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

औरैया। खेती करने में किसान के कंधों पर सबसे अधिक बोझ फसल की सिंचाई का होता है। जिसे कम करने के लिए फोटो वोल्टिक सोलर पंप किसानों को मुहैया कराए गए हैं। इससे किसान खुद की फसल की सिंचाई कर पैसे बचा रहें तो वहीं दूसरे किसानों की फसल सिंचाई करने से उन्हें आमदनी भी हो रही है।

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सरकारी नलकूपों पर बिजली समय से न मिलने के कारण फसल कमजोर न हो जाए इसलिए किसान प्राईवेट नलकूप से सिंचाई कर रहे हैं। नहरों और माइनरों में भी समय से पानी न आना किसानों के लिए मुसीबत का सबब है। किसानों को फसल सिंचाई से राहत देने के लिए फोटो वोल्टिक सोलर पंप योजना के तहत अनुदान पर सोलर लाईट दी गई है।

ब्लाक भाग्यनगर क्षेत्र के गाँव तैयबपुर पतरा निवासी देवानंद यादव (45 वर्ष) बताते हैं, “सोलर लगे हुए मात्र पांच माह का समय हुआ है। मेरे पास आठ एकड़ जमीन है। निजी इंजन से सिंचाई करने में एक साल में 22 हजार का डीजल लग जाता था। सोलर पंप लगने से जहां 22 हजार का फायदा हुआ है, वहीं 14 हजार रुपए की दूसरे किसानों की फसल की सिंचाई भी कर चुका हूं।”

देवानंद बताते हैं, “सोलर पंप से जिले के किसानों को काफी सहयोग मिला है। सोलर पंप किसानों को 90 फीसदी अनुदान पर दिए गए हैं। 10 फीसदी धनराशि किसानों ने स्वयं लगाई है। सोलर पंप 6 प्लेट का है इसमें एक प्लेट 300 वाट ऊर्जा बनाती है। पंप पर जीरो बैलेंस मेंटीनेंस रहता है।”

किसानों को फसल सिंचाई में मिल रहा लाभ

जिले में 52 किसानों को सोलर पंप दिए गए हैं। 2एचपी की लागत एक लाख 99 हजार है, जिसमें किसान ने सिर्फ 23050 का डीडी दिया है। 3एचपी की लागत 3 लाख 10 हजार 500 है, जिसमें किसान ने 73350 का डीडी दिया है। वहीं 5एचपी की लागत 4 लाख 51 हजार 175 है, जिसमें किसान ने एक लाख 98 हजार का डीडी दिया है। इस योजना से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है।
उप परियोजना निदेशक, एसके शर्मा

52 किसानों को मिला लाभ

कृषि विभाग ने जिले के 52 किसानों को अनुदान पर सोलर पंप दिए हैं। इसमें 2एचपी के 20, 3एचपी के 30 और 5एचपी के 02 सोलर पंप दिए गए हैं।

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