गुड़ व्यापार तो बढ़ रहा पर गन्ना किसान रो रहा

Devanshu Mani TiwariDevanshu Mani Tiwari   22 May 2017 9:22 AM GMT

गुड़ व्यापार तो बढ़ रहा पर गन्ना किसान रो रहासहारनपुर की मंडियों में इस वर्ष गुड़ की कीमत पिछले वर्ष की तुलना में काफी घट गई है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

सहारनपुर/मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस वर्ष गन्ने का उत्पादन बढ़ा है। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर मंडियों में इस वर्ष गुड़ की कीमत पिछले वर्ष की तुलना में काफी घट गई है। पिछले वर्ष गुड़ के दाम महंगे होने के कारण आम आदमी तक गुड़ का स्वाद नहीं पहुंच पाया था, लेकिन इस बार गन्ना किसानों को अच्छी पैदावार मिली है। गन्ने की अच्छी पैदावार जहां गुड़ की भट्टी चला रहे ठेकेदारों के लिए मुस्कुराने का कारण बनी हुई है। वहीं किसानों को मंडियों में गन्ने का कम दाम मिलने की निराशा साफ देखी जा सकती है।

प्रदेश में गुड़ व्यापार के लिए मशहूर मुजफ्फरनगर गुड़ मंडी इन दिनों गुड़ से भरी हुई है। मंडी में सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर के किसान गुड़ बेचने आते हैं। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार, भारत में प्रति वर्ष लगभग 60 लाख गुड़ का उत्पादन होता है, जोकि विश्व उत्पादन का लगभग 60 फीसदी है।

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पूरे जिले में गन्ना अच्छा हुआ इसलिए लगातार किसान हमारे यहां गुड़ बनवाने आ रहे हैं। हम रोज़ाना 16 से 20 कुंतल गुड़ बनाते हैं। इस बार अच्छी कमाई हो रही है।
शौकत अली, गुड़ ठेकेदार, सहारनपुर

सहारनपुर जिले के नागल ब्लॉक के साधारणसिर गाँव में शौकत अली (50 वर्ष) गन्ने से ताज़ा गुड़ बनाने का काम करते हैं। इस बार आस-पास के काफी गाँवों से किसान उनकी भट्टी पर गन्ने का गुड़ बनाने के लिए आ रहे हैं। मुस्कुराते हुए गुड़ ठेकेदार शौकत अली ने बताया,” पूरे जिले में गन्ना अच्छा हुआ इसलिए लगातार किसान हमारे यहां गुड़ बनवाने आ रहे हैं। हम रोज़ाना 16 से 20 कुंतल गुड़ बनाते हैं। इस बार अच्छी कमाई हो रही है।”

38 बीघे में पिछले वर्ष 80 कुंतल गन्ना हुआ था। इस बार 100 कुंतल गन्ना हुआ है। पैदावार बढ़िया होने से मिलों में गन्ना सस्ता बिक रहा है।
बाबूराम, गन्ना किसान, सहारनपुर

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के मुताबिक भारत पूरे विश्व में गुड़ का एक मुख्य व्यापारी और निर्यातक देश माना जाता है। वर्ष 2015-16 के दौरान भारत सेनाइजीरिया, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, और सूडान देशों में 2.9 मीट्रिक टन गुड़ और कन्फेक्शनरी उत्पाद का निर्यात है।

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इस बार पिछले साल से ज्यादा गुड़ मंडी में आ रहा है। मंडी में खालिस गुड़ और चाकू गुड़ दोनों की खरीददारी होती है। अच्छे दर्जे के चाकू गुड़ का दाम यहां 1,000 रुपए से घट कर इस साल 900 से 910 रुपए प्रति 40 किलो बिक रहा है।
रामपाल सिंह, व्यापारी, मुजफ्फरनगर

देश के कुल गुड़ उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार किया जाता है। लेकिन अभी तक प्रदेश में गुड़ का कोई भी संगठित बाजार नहीं बन पाया है।मुजफ्फरनगर जिले के पाछेंडा कस्बे से रहने वाले किसान बाबूराम पाल (52 वर्ष) सहारनपुर जिले में देवबंद ब्लॉक के जख्वाला गांव में 38 बीघे खेत में गन्ने की खेती कर रहे हैं।

पिछले वर्ष चीनी और गुड़ की कीमत अच्छी थी और किसानों को गन्ने के 300 रुपए प्रति कुंतल तक दाम मिले थे। इसको देखते हुए इस वर्ष मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर जिले में किसानों ने बड़े स्तर पर गन्ने की खेती की है। पिछले वर्ष किसानों ने 290 से 300 रुपए प्रति कुंतल गन्ना बेचा था। इस वर्ष मिलों में 250 से 270 रुपए प्रति के कुंतल गन्ना लिटा जा रहा है।

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