केजीएमयू बनेगा सबसे अधिक वेंटिलेटर वाला अस्पताल

केजीएमयू बनेगा सबसे अधिक वेंटिलेटर वाला अस्पतालमेडिकल कॉलेज में तैयार किया जा रहा है सबसे बड़ा वेंटिलेटर सेटअप।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर सेवाओं के लिए सबसे बड़ा वेंटिलेटर सेटअप तैयार किया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश ने बताया, “मेडिकल कॉलेज में उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य प्रदेशों के लोग इलाज के लिए आते हैं। रोज ओपीडी में लगभग आठ से दस हजार मरीजों की भीड़ रहती है।

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पूरे मेडिकल कॉलेज में 3500 के करीब मरीज भर्ती रहते हैं, लेकिन गंभीर मरीजों को आए दिन वेंटिलेटर की समस्या से जूझना पड़ता था।” उन्होंने आगे बताया, “मेडिकल कॉलेज देश का सबसे बड़ा वेंटिलेटर सेटअप तैयार कर रहा है। इसके लिए नई क्रिटिकल केयर यूनिट खोली जाएगी, वहीं विभागों में भी वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाई जाएगी।” इसमें कुल 56 वेंटिलेटर बढ़ाए गए हैं। ऐसे में केजीएमयू में अब 144 वेंटिलेटर हो गए हैं, जल्द ही इनकी संख्या और बढ़ेगी। ट्रॉमा सेंटर में बच्चों के लिए एनआइसीयू व पीआइसीयू यूनिट खोली गई है।

इसमें फोटोथेरेपी, वार्मर मशीन के साथ-साथ वेंटिलेटर सेपरेटेड बेड भी हैं। एनआइसीयू में जहां 15 वेंटिलेटर हैं, वहीं पीआइसीयू में 18 वेंटिलेटर हैं। इन यूनिटों में नवजात से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चों का इलाज किया जाता है।

हेडइंजरी, फ्रैक्चर, गंभीर, सांस, रोगी, मल्टीपलइंजरी, मल्टी ऑर्गनफेल्योर, सेप्टीसीमिया, सेप्टिकशॉ, सांस व हाई बीपी सहित अन्य गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। अभी तक पीजीआई में कुल 1100 बेड हैं और 80 वेंटीलेटर हैं,लोहिया संस्थान में कुल 350 बेड और 30 वेंटिलेटर हैं।

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