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#स्वयंफेस्टिवल : किसानों ने सीखे प्रगतिशील खेती के गुण

Bhasker TripathiBhasker Tripathi   31 Dec 2016 11:25 AM GMT

#स्वयंफेस्टिवल : किसानों ने सीखे प्रगतिशील खेती के गुणबुंदेलखंड डेवेलप्मेंट फ़ाउंडेशन के सुधीन्द्र त्रिपाठी किसानों से बात करते हुए।

स्वयं डेस्क/ महेंद्र सिंह (कम्युनिटी जर्नलिस्ट) 33 वर्ष

ललितपुर। "1 हेक्टेयर में मसूर की फसल बोई है, पौधा बड़ा हो रहा, लेकिन उक्सा का प्रकोप पौधे में दिख रहा है। इससे बचने के क्या उपाय हैं? यह सवाल पूछा किसान किशोरी (उम्र 50 वर्ष) ने। फसल में लगे उक्सा की समस्या से निपटने के लिए किसान को डाइक्रोनामक दवा का छिड़काव करना चाहिए, यह दवा सरकारी गोदाम पर कम दाम मे मिल जाती है।

बाजार मे तमाम दावाएं हैं, वह काफी महंगी मिलती है, और ज्‍यादा फायदा भी नहीं देती। ललितपुर जनपद के पूर्व पश्चिम दिशा महरौनी तहसील के दिगवार गाँव मे कुछ इस तरह से कृषि विशेषज्ञ "स्वयं फेस्टिवल" किसान गोष्ठी में समाधान करते नजर आये।

किसान चौपाल में किसानों को मिली कृषी संबंधी जानकारी।

गाँव कनेक्शन की चौथी वर्षगांठ पर "स्वयं फेस्टिवल" के तहत 5 दिसंबर को दिगवार गाँव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। बताते चलें कि "इस अवसर पर दिगवार गाँव के किसानों ने हिस्सा लिया। बता दें कि चौथी वर्षगांठ पर 25 जिलों में 2 से 8 दिसंबर तक स्वयं उत्सव" स्वयं फेस्टिवल "मनाया जा रहा है। जिसके अंर्तगत 1000 कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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