बिना डिग्री के चला रहे मेडिकल स्टोर व क्लीनिक, प्रशासन हुआ सख्त

बिना डिग्री के चला रहे मेडिकल स्टोर व क्लीनिक, प्रशासन हुआ सख्तजिले भर में बिना मान्यता के चल रहे दवाखानों पर प्रशासन का चाबुक चल ही गया।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

उन्नाव। जिले भर में बिना मान्यता के चल रहे दवाखानों पर प्रशासन का चाबुक चल ही गया। डीएम के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों ने पुरवा क्षेत्र में दस से अधिक क्लीनिक चेक किये।

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यहाँ मरीजों का इलाज तो होता मिला लेकिन किसी भी क्लीनिक में मौजूद लोग डिग्री नहीं दिखा सके। ऐसे में जांच के दायरे में आये लोगों को दो दिन के अंदर डिग्री प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि डिग्री न दिखा पाने की स्थिति में एफआईआर दर्ज कराई जायेगी।

बिना डिग्री के जिले भर में सैकड़ो की संख्या में लोग क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं। ऐसे लोग मरीजों की जान जोखिम में तो डालते ही हैं साथ ही उनका आर्थिक शोषण भी करते हैं। झोलाछाप लोगो पर कार्रवाई करने के निर्देश डीएम अदिति सिंह द्वारा दिए गए थे। जिस पर डिप्टी सीएमओ डॉ मनोज निगम ने पुरवा क्षेत्र में छापेमारी की। यहाँ सबसे पहले उन्होंने एक आयुर्वेदिक फिजिशियन का क्लीनिक चेक किया।

यहाँ मौजूद व्यक्ति किसी भी तरह की डिग्री नहीं दिखा पाया। इसके साथ ही आयुर्वेदिक क्लीनिक में एलोपैथ दवाओं की पर्ची मिली। जिस पर यहाँ के डॉ पीसी यादव से जवाब तलब किया गया है। इसी तरह लाइफ मेडिकल सेंटर में कोई भी डॉ मौजूद नहीं मिला। यहाँ मौजूद व्यक्ति को प्रमाण पत्र सीएमओ कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उधर चांदसी क्लीनिक में डॉ एनके विश्वास ने जो डिग्रियां दिखाई वह उत्तर प्रदेश में मान्य ही नहीं हैं। क्लीनिक में जांच के दौरान भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं भी मिली। इसी तरह नैना पॉलीक्लीनिक स्वास्थ्य अधिकारियो को बंद मिला। यहाँ के चिकित्सक से संपर्क कर दो दिन में डिग्री प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

लगातार क्लीनिक में छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों में ब्रिज मेडिकल स्टोर, अंतर क्लीनिक और एस पाली क्लीनिक भी चेक किया। यहाँ मिली कमियों पर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीमओ डॉ मनोज ने बताया कि दो दिन बाद अगर यह लोग डिग्रियां नहीं दिखा पाते हैं तो एफआईआर दर्ज कराई जायेगी।

डिग्री है नहीं, कर रहे इलाज

पुरवा में जांच के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियो का सामना ऐसे व्यक्ति से भी हुआ जो मरीजों का इलाज तो कर रहा था पर उसके पास किसी भी तरह की डिग्री नहीं मिली। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जब वह एक क्लीनिक में जांच करने पहुंचे तो वहां श्याम नाम का व्यक्ति मौजूद मिला। वह मरीजों का टीकाकरण करने के साथ ही उन्हें दवाएं दे रहा था।

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