एक फरवरी से दिल्ली में शुरू हो रहा नाटकों का महाकुंभ

एक फरवरी से दिल्ली में शुरू हो रहा नाटकों का महाकुंभभारंगम में थिएटर परफॉर्मेंस के अलावा लिविंग लीजेंड सीरीज, मास्टर क्लासेज, यूथ फोरम और डायरेक्टर्स मीट का भी आयोजन होगा।

बसंत कुमार, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

दिल्ली। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में नाटकों का महाकुंभ भारत रंग महोत्सव 1 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। यह भारत रंग महोत्सव का 19 वां संस्करण हैं।

1 फरवरी से शुरू होकर 21 फरवरी तक चलने वाले भारत रंग महोत्सव (भारंगम) में इस साल भारत के अलग-अलग राज्यों की भाषाओं का 79 नाटकों का और 15 विदेशी नाटकों का मंचन होगा।

भारंगम थियेटर प्रेमियों के लिए बहुप्रतीक्षित नाट्य उत्सव है। उत्सव के दिनों के दौरान एनएसडी का कैंपस गुलज़ार रहता है। इसबार एनएसडी कैंपस 1920 के महाराजा महल की तरह सजाया जाएगा। यह काम मशहूर कला निर्देशक जयंत देशमुख करेंगे। उत्सव में एनएसडी के निर्देशक अल्काजी से लेकर से निदेशक वामन केंद्रे तक की प्रतिमा लगाई जाएगी।

भारंगम एक महत्त्वपूर्ण अवसर हैं जहां रंगप्रेमी और रंगकर्मी दोनों को ही विविध नाट्य रूपों और अभिव्यक्तियों को एक साथ देख कर खुद को समृद्ध करने का अवसर मिलता है। जब मेला लगता तो उसका आकर्षण बहुतों को खींचता है तो मेला फैलता है। प्रचार प्रसार होता है। लेकिन कुछ सालों से भारंगम को इसके कर्ता-धर्ताओं ने ही इसके उद्देश्य से दूर कर दिया है।
अमितेश कुमार, पिछले दस साल से भारंगम देख रहे पत्रकार और रंग आलोचक

दिल्ली के अलावा छह और शहरों में नाटकों का मंचन

इन 12 देशों में इंग्लैंड, रूस, इटली, इस्राइल, तुर्की, अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, रोमानिया, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश शामिल हैं। इस साल भी पाकिस्तान से कोई टीम नहीं आ रही है। उत्सव में चीन और पाकिस्तान शामिल नहीं हो रहे हैं।

21 दिनों तक चलने वाले उत्सव का आनन्द दिल्ली के अलावा कुरुक्षेत्र, पुणे, अगरतला, हैदराबाद और पटना में उठाया जा सकता है।

कुरुक्षेत्र में 3 से 8 फरवरी, अगरतला में 5 से 10फरवरी, पटना में 7 से 12 फरवरी, पुणे में 9 से 14 फरवरी, हैदराबाद में 11 से 16 फरवरी

उत्सव में खास

भारंगम में थिएटर परफॉर्मेंस के अलावा लिविंग लीजेंड सीरीज, मास्टर क्लासेज, यूथ फोरम और डायरेक्टर्स मीट का भी आयोजन होगा। पतचरित्र, कांवड़ और गोंड पेंटिंग पर वैज्ञानिक रूप से डिजाइन की गई वर्कशॉप भी सबको नाटकों के निर्माण में फाइन आर्ट्स के इस्तेमाल की शिक्षा भी दी जाएगी।

भारंगम में लोक कलाओं का तड़का

भारंगम में इसबार नाद स्वरम, ढोल चोलम, लद्दाख, डांस, पुंग डांस, बैम्बू डांस, मणिपुरी मार्शल आर्ट, नगा डांस, डांडिया, बीहू, थंगटा, छाहू डांस, नौटंकी, हरियाणवी फाग, लाइट डांस, भावई, गरबा और कालबेलिया, कठपुतली का शो, लावणी, मछुआरों का डांस, कृष्ण रास और कच्ची घोड़ी शामिल है, जिसका आयोजन 2 अस्थायी एंफिथियेटर्स में किया जाएगा। इसके अलावा फूड कोर्ट और थियेटर बाजार भी होगा, जिसमें करीब 50 कियोस्क होंगे।

यह उन सर्वश्रेष्ठ मंचों में से एक है, जहां हम भारतीय थियेटर के जन्म से जुड़े सभी तत्वों को पेश करते हैं। एनएसडी ने भारंगम के जरिए से देश-विदेश के सभी थियेटर से जुड़े लोगों को एकजुट किया है।
वामन केंद्रे, एनएसडी के निर्देशक

टिकट नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी

नाट्य अभिनेता अंकित गौतम भारंगम में टिकट नहीं मिलने से नाराज़ है। अंकित बताते हैं कि भारंगम का मतलब है भारत के रंग, लेकिन जिस जगह से ये रंग उड़के आते हैं, “उसी तबके को टिकट नसीब नही होती है। टिकट पहले ही बुक रहती हैं। जिन लोगों की ज़िंदगी को स्टेज पर दिखाया जा रहा हैं और वहीं अगर वो आईना देखना चाहें तो कहां जाएंगे।”

नाटकों का मंचन अभिमंच, ओपन एयर थियेटर, बहुमुख और सम्मुख में होंगी। इसके अलावा एलटीजी, कमानी और श्रीराम सेंटर ऑफ परफॉर्मिंग आटर्स सभागारों में किया जाएगा।

नाटकों का टिकट 50 रुपए, 100 रुपए, 200 रुपए, 300 रुपए और 400 रुपए के टिकट एनएसडी के बॉक्स ऑफिस पर 10 बजे सुबह से शाम 4 बजे तक टिकट खरीदे जा सकेंगे। इसके अलावा यह टिकट http://eticket.nsd.gov.in/ वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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