हरियाणा के अनिल बलोठिया सफेद बटन खुम्ब मशरूम की खेती कर कमा रहे लाखों रुपए 

Neetu SinghNeetu Singh   31 Jan 2017 12:24 PM GMT

हरियाणा के अनिल बलोठिया सफेद बटन खुम्ब  मशरूम की खेती कर कमा रहे लाखों रुपए डिंगरोता गाँव के किसान अनिल पिछले तीन साल से मशरूम की प्रजाति सफेद बटन खुम्ब की खेती कर रहे हैं।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले से 30 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में डिंगरोता गाँव के किसान अनिल बलोठिया (35 वर्ष) अपने क्षेत्र में उन्नत किसान के रूप में जाने जाते हैं। पिछले तीन साल से वे मशरूम की प्रजाति सफेद बटन खुम्ब की खेती कर रहे हैं। इस प्रजाति के जरिए उन्हें तीन महीनों में दोगुना मुनाफा हो रहा है। मशरूम की खास प्रजाति की खेती के साथ ही अनिल इसके लिए जरूरी कम्पोस्ट भी तैयार करते हैं।

हम मशरूम की खेती 25 बाई 40 के दो कमरों में कर रहे हैं, इसमें एक लाख 10 हजार लागत आती है और तीन महीने में आमदनी ढाई लाख से ज्यादा हो जाती है।
अनिल बलोठिया, मशरूम की खेती करने वाले किसान

हरियाणा में खुम्ब की खेती के लिए कच्चा माल जैसे गेहूं, धान व सरसों का भूसा आसानी से मिल जाता है। खुम्ब की खेती कमरों के अन्दर विशेष प्रकार से बनाई गई खाद के द्वारा की जाती है। अनिल इसके लिए जरूरी कम्पोस्ट को भी बनाकर बेचते हैं। सफेद खुम्ब बटन उगाने का सही समय अक्टूबर से फरवरी तक होता है। अनिल का मानना है यह एक ऐसी फसल है जिसे हर कोई किसान आसानी से कर सकता है। अगर पैसे नहीं तो बैंक से लोन लेकर इसकी शुरुआत कर सकता है। तीन महीने बाद बैंक का लोन आसानी से चुकाया जा सकता है।

अनिल बताते हैं, ‘खुम्ब में प्रोटीन की मात्रा सब्जियों और फलों की अपेक्षा 20-35 अधिक पायी जाती है, इसको लगाते समय शुरुआती दौर में कमरे का तापमान 12-15 दिन तक 25 डिग्री सेल्सियस रखना है। अगर 12 महीने मशरूम की इस प्रजाति को उगाना है तो एसी लगाना अनिवार्य है। सर्दी के मौसम में तापमान सामान्य करने के लिए रूम हीटर भी लगाना पड़ता है।

अनिल कहते हैं, ‘सफ़ेद बटन खुम्ब को उगाने के लिए कम्पोस्ट और मशरूम के बीज की जरूरत होती है। अब तक कम्पोस्ट बेचकर लाखों रुपए कमा चुके हैं।’ वह आगे बताते हैं कि कम्पोस्ट खाद 700 रुपए प्रति कुंतल बिक जाती है, इस बार उन्होंने सवा सौ कुंतल में बटन खुम्ब लगाई है।

कम्पोस्ट बनाने की विधि

कम्पोस्ट बनाने के लिए भूसा, मुर्गियों की बीट और चोकर को अच्छी तरह से मिलाकर उसमें इतना पानी डालना चाहिए। जितना कि वो सोख ले, इस बात का ध्यान रखा जाए पानी मिश्रण से बहकर बाहर न जाए। इस काम के लिए दो दिन का समय लग जाएगा। तीसरे दिन यूरिया की पूरी मात्रा मिलाकर पांच फुट ऊंचा और पांच फुट चौड़ा चट्टा बना लें। चौथे दिन जिप्सम की पूरी मात्रा मिलाकर खाद को अच्छी तरह उलट-पलट दें। 20-25 दिन एक जगह ढककर रख दें, कम्पोस्ट तैयार हो जाएगी।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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