पशुओं की नस्ल सुधारेगा नया ऐप 

दिति बाजपेईदिति बाजपेई   3 March 2017 3:54 PM GMT

पशुओं की नस्ल सुधारेगा नया ऐप पशुओं की नस्लों को सुधारने के लिए ‘पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य के लिए सूचना नेटवर्क’ (इनाफ) नाम का ऐप जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। पशुओं की नस्लों को सुधारने के लिए ‘पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य के लिए सूचना नेटवर्क’ (इनाफ) नाम का ऐप जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप के जरिए पशुओं के एआई (कृत्रिम गर्भाधान) का पूरा ब्यौरा रखा जा सकेगा।

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“इस ऐप के जरिए पशुओं की नस्लों में काफी सुधार होगा। क्योंकि जब पशुओं में एआई किया जाता है तो यह पता नहीं चल पाता है कि किस सीमन से कितने बच्चे हुए या उनकी क्या स्थिति है। कोई भी डॉक्टर या पशुमित्र हर महीने तीन से चार एआई करता है उससे एक ही बच्चा होता है।” ऐसा बताते हैं उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बीबी एस यादव।

उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग की वेबसाइट से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 5,043 कृत्रिम गर्भाधान केंद्र है। डॉ. सिंह आगे बताते हैं, “जिन डॉक्टर और पशुमित्रों के पास एंड्रॉयड फोन हैं अभी उनके फोन में इस ऐप को डाला जाएगा और जिनके पास नहीं हैं उनको जल्द ही फोन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे जब भी पशु के एआई होगा तो उस पशु का पूरा ब्यौरा फोटो समेत उस ऐप में अपलोड किया जाएगा।

इससे से हम अच्छे सीमन भी भेज सकेंगे।” इनाफ एप्लीकेशन को राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और इन्फोसिस लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया गया है। इनाफ एप्लीकेशन का उपयोग संतति परीक्षण कार्यक्रमों में किया जा रहा है।

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