टाइगर रिजर्व की जमीन को प्रशासन ने कराया कब्जामुक्त

Mohit AsthanaMohit Asthana   25 May 2017 8:15 PM GMT

टाइगर रिजर्व की जमीन को प्रशासन ने कराया कब्जामुक्तप्रशासन ने टाइगर रिजर्व की जमीन से अवैध कब्जा हटवाया। 

अनिल चौधरी, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में स्थित बरुआ कुठारा गाँव में 110 हेक्टेयर वनभूमि को वन विभाग के साथ पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में कब्जामुक्त करा लिया गया। इस गाँव की जमीन पर पिछले 51 साल से झोपड़-पट्टी डालकर रह रहे 73 परिवारों का कब्जा था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस फोर्स के मौजूद होने के कारण पीड़ित परिवार इसका विरोध तो नहीं कर सके, लेकिन उनका दर्द आंसुओं के रूप में बाहर आ रहा था। उपजिलाधिकारी से इन सभी पीड़ित परिवारों को पुनर्वासित करने का आश्वासन दिया है।

बरुआ कुठारा गाँव निवासी राधेश्याम (45 वर्ष) का कहना है, “हमें यहां रहते हुए लगभग 25-30 से वर्ष हो गए। हम इस जमीन पर खेती-बाड़ी करके अपना गुजारा कर रहे हैं। अब प्रशासन की सख्ती के आगे हम मजबूर हैं। यह जमीन वन विभाग की है और अब हमें खाली करनी ही है। इसके बदले हमें रहने के लिए कहीं अन्य जगह दे दी जाए।”

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पीलीभीत जिले में माधोटांडा थाना क्षेत्र में टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में बरुआ कुठारा गाँव में करीब 110 हेक्टेयर जमीन पर वर्ष 1966 से कुछ परिवारों ने कब्ज़ा कर रखा था।

वहीं इस जमीन को वर्ष 1976 में धारा 20 के तहत वनभूमि दर्ज कर दिया गया था। इसके बाद से ही इस जमीन पर विवाद चल रहा था। इस जमीन पर काबिज लोगों ने कोर्ट में वाद भी दायर किया, लेकिन वह वन विभाग के मजबूत पक्ष के सामने हार गए।

इस भूमि पर कई साल पहले भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया और इस अभियान के दौरान तत्कालीन एसडीएम और पुलिस सहित वन विभाग के अधिकारियों से यहां रह रहे लोगों ने मारपीट हुई थी। इसी कारण वन विभाग पहले कब्ज़ा हटवाने में नाकाम रहा था। इसके बाद वर्ष 2000 में टाइगर रिजर्व में बराही रेंज के वन क्षेत्राधिकारी राजेश निगम के नेतृत्व में भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर काफी झोपड़ियां तोड़ डाली गई थीं, लेकिन इस कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही दोबारा लोगों ने कब्ज़ा करके इस जमीन पर खेती करनी शुरू कर दी।

बरुआ कुठारा के रहने वाले (65 वर्ष) जमील अहमद ने बताया, “हमसे यह खाली कराकर वन विभाग ठीक नहीं कर रहा। हमारे परिवारों को बेघर करना चाहता है। हमें अपने परिवार के साथ रहने के लिए कोई दूसरी जगह या आवास दिलवाया जाए तो हम यह जमीन खाली कर देंगे। अगर कोई और जगह न मिली तो हम लोग घर छोड़कर कहां जाएंगे।” इस बारे में एसडीओ केपी सिंह ने बताया, “इस जमीन पर वन विभाग ने कब्ज़ा लेकर पिलर लगा दिए हैं। जेसीबी की मदद से इस जमीन के चारों ओर खाई खोदी जाएगी।”

वहीं टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश का कहना है, “वन विभाग की इस जमीन पर 51 वर्षों से ग्रामीणों का कब्ज़ा था, जिसे राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की मदद से कब्ज़ामुक्त करा दिया गया। जल्द ही इस जमीन पर पौधरोपण किया जाएगा।”

भारी पुलिस बल देखकर ग्रामीण नहीं कर सके विरोध

अब उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जमीन से अवैध कब्जे हटाने को चलाई जा रही मुहिम के तहत अवैध कब्जा हटाने के लिए नई रणनीति तैयार की गई। टाइगर रिजर्व की पांच रेंजों के वनकर्मी भी एसडीओ केपी सिंह के नेतृत्व में बराही गेस्ट हाउस में इकठ्ठा हुए।

इसके बाद करीब 11 बजे कलीनगर तहसील के एसडीएम सूरज यादव के नेतृत्व में यह टीमें फायर बिग्रेड और जेसीबी मशीनों के साथ बरुआ कुठारा गाँव स्थित वन विभाग की जमीन पर पहुंची। भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी और सारी व्यवस्थाएं देखकर ग्रामीण इसका विरोध नहीं कर सके और आखिरकार एसडीएम की बात मानने को राजी हो गए। इसके बाद वन विभाग की टीम ने राजस्व टीम की मदद से चिन्हित जमीन पर पिलर लगवाकर इस जमीन का सीमांकन कर दिया।

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