आलू भण्डारण की कीमत बढ़ने से किसान एक बार फिर परेशान

आलू भण्डारण की कीमत बढ़ने से किसान एक बार फिर परेशानविकास भवन में बढ़ी आलू भण्डारण की कीमत का विरोध जताते किसान।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

कन्नौज। किसानों को पहले आलू की सही कीमतें नहीं मिल पाईं। फिर कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने की जगह नहीं मिली। अब कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने भण्डारण शुल्क बढ़ाकर नया बोझ लाद दिया है। इससे किसान खासे परेशान हैं।

‘‘आमद रसीद में कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा नहीं लिखा और अब मानमाने रूप से कीमत घोषित कर दी गई है। इससे किसानों को भण्डारण शुल्क अधिक देना पड़ रहा है।’’ यह कहना है भवानीपुर गाँव के आलू किसान अनिल कटियार (50 वर्ष) का। कोल्ड स्टोरेज में आलू भण्डारण की कीमत बढ़ने की समस्या से सिर्फ अनिल ही परेशान नहीं हैं बल्कि जनपद के हजारों किसान इस समस्या से जूझ रहे हैं। जिसका उन्होंने विरोध करना भी शुरू कर दिया है।

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भवानीपुर निवासी किसान अरविंद कटियार ने बताया, ‘‘इस साल 220 रुपए कुंतल आलू रखने की कीमत कोल्ड स्टोरेज वाले ले रहे हैं। पिछली साल 200 रुपए लिए गए थे। मैंने 17 कट्टी आलू मार्च में रखे थे। जलालपुर पनवारा के कोल्ड स्टोरेज सैनी, सरोजनी और रामगंगा में आलू भंडारण किया है। एक कट्टी में 50 से 55 किलो तक आलू आता है।’’

जलालपुर पनवारा निवासी किसान श्रीनारायण दुबे (54 वर्ष) कहते हैं, ‘‘मेरा 10 हजार पैकेट आलू सरोजनी कोल्ड स्टोरेज में रखा है। 120 रुपए कट्टी आलू भण्डारण शुल्क लिया जा रहा है। पिछले साल 100 रुपए कट्टी शुल्क लिया गया था।” कन्नौज क्षेत्र के गीतेंद्र यादव (45 वर्ष) का कहना है, ‘‘आखिर आलू भण्डारण करते समय किसानों को जो रसीद दी गई थी उसमें कीमत क्यों नहीं लिखी। अब कोल्ड स्टोरेज के बाहर रेट बढ़ाकर लिख दिए गए हैं। ऐसा करना बिल्कुल गलत है।’’

परसपुर गाँव के अनूप दुबे (40 वर्ष) बताते हैं, ‘‘कोल्ड स्टोरेज पहले से ही ओवरलोड हैं। किसानों से भाड़ा भी अधिक लिया जा रहा है।’’ बाहू बुजुर्ग निवासी प्रदीप चतुर्वेदी (45 वर्ष) कहते हैं, ‘‘मेरा 500 पैकेट आलू रखा है। दो साल पहले आलू भंडारण का रेट 185 रुपए कुंतल था। पिछले साल 200 रुपए था। इस बार 20 रुपए और बढ़ा दिया गया।’’

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डीएचओ ने कोल्ड स्टोर मालिकों के साथ बैठक की

डीएचओ मुन्ना यादव ने अपने कार्यालय में कुछ कोल्ड स्टोरेज संचालक और प्रबंधकों को बुलाया। उनसे रेट पर सहमति भी ली। कहा कि पिछले साल से 20 रुपए रेट अधिक है। इसे कम किया जाए। कोल्ड स्टोरेज वालों का तर्क था कि डीजल आदि का रेट बढ़ा है। इसलिए रेट बढ़ाया गया है।

जि़लाधिकारी ने सुना दर्द,समस्या निपटाने को कहा

शनिवार को आलू किसान एक बार फिर जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद से मिले। उन्होंने सुनवाई न होने और भण्डारण की कीमत कम किए जाने की बात रखी। डीएम ने तत्काल डीएचओ को निर्देश दिए कि आलू किसानों की समस्याओं का निस्तारण कर आख्या दी जाए।

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