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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन

डॉ. पुनीत मनीषी, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

शाहजहांपुर। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी शैक्षिक सत्र शुरू होते ही चालू हो जाती है। कई स्कूलों में दुकान खुल चुकी है तो कई स्कूलों की कॉपी, किताबें, स्टेशनरी, बैग, ड्रेस आदि सबकी मोटे कमीशन देने वाली दुकानें सेट हो चुकी हैं।

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अप्रैल से ही कान्वेंट स्कूलों में नया सत्र प्रारम्भ हो गया है। हर साल प्राइवेट स्कूलों द्वारा अच्छी पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों के शोषण के खिलाफ नि:स्वार्थ सेवा समिति के पदाधिकारी आवाज उठाते हैं। संस्था के अध्यक्ष देवेश ठाकुर के नेतृत्व में युवाओं ने सीडीओ और सिटी मजिस्ट्रेट का घेराव कर ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

देवेश ठाकुर ने कहा, “सीबीएससी बोर्ड में एनसीआरटी की किताबें ही बच्चों को दी जाएं। स्कूल परिसर अथवा स्कूल द्वारा अनुबंधित दुकानों पर रोक लगाई जाए। कान्वेंट स्कूलों द्वारा बच्चों से अवैध रूप से होने वाली वसूली पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।” संस्था के सदस्य वैभव खन्ना ने बताया, “जनपद में जो अभिभावक संघ बना है उसमें ज्यादातर प्राइवेट स्कलों के मालिक और पुस्तक विक्रेता सदस्य हैं अतः अभिभावक संघ का पुनर्गठन किया जाए।”

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