‘हमारे खेतों को कोई इन जानवरों से बचाए’

‘हमारे खेतों को कोई इन जानवरों से बचाए’कन्नौज जिले के गांव मनीपुर्वा के सैकड़ों किसान लावारिस जानवरों से परेशान हैं। जानवर किसानों की फसल चर जाते हैं।

अजय मिश्रा

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

तिर्वा/कन्नौज। ‘‘हमें चोरों से खतरा नहीं है। मगर हमारे खेतों को आवारा पशु तबाह कर रहे हैं। बावजूद इसके किसानों की इस समस्या के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जाती है।" आवारा जानवरों की वजह से अपनी फसल चर जाने के बाद हुए भारी नुकसान पर रविन्द्र राजपूत ने कुछ यूं दर्द बयां किया।

कन्नौज जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर बसे गांव मनीपुर्वा निवासी 35 वर्षीय रविन्द्र की ही ये परेशानी नहीं है, बल्कि सैकड़ों किसान अन्ना यानि लावारिस जानवरों से परेशान हैं। यह जानवर किसानों की फसल चर जाते हैं। वैसे ही किसान कभी मौसम की मार से मरता है तो कभी फसलों का वाजिब दाम न मिलने से। इसी गांव के 33 वर्षीय प्रभाकांत का कहना है कि एक बार संबंधित विभाग को शिकायती पत्र भी दिया था। उसके बाद एक गौशाला में जानवर भेज दिए गए थे, लेकिन फिर आ गए। वह आगे बताते हैं कि नेताओं से भी कहा। मगर उनसे सिर्फ आश्वासन मिला और हम किसानों को कोई राहत नहीं मिली।

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