पत्ता व फूल गोभी की फसल को अल्टरनेरिया पर्णदाग रोग से ऐसे बचाएं

पत्ता व फूल गोभी की फसल को अल्टरनेरिया पर्णदाग रोग से ऐसे बचाएंगोभी की फसल का बचाव।

यह रोग फफूंद अल्टरनेरिया ब्रैसिकी तथा अन्य अल्टरनेरिया प्राजातियों से होता है। यह रोग गोभी वर्गीय सब्जियों में आक्रमण करता है।

लक्षण

इस रोग के प्रमुख लक्षण पत्तियों के निचली में दिखाई पड़ता है जिसमें गहरे रंग के छोटे-छोटे धब्बे एक साथ जुड़कर गोलाकार वृत बनाते हैं। गोल छल्ले भूरे धब्बों में दिखाई देते हैं, यह रोग पत्ता गोभी में बाद की अवस्था और फूल गोभी में प्रारम्भिक अवस्था में लगता है। रोग की पूर्ण अवस्था में पत्ता गोभी और फूल गोभी का फूल भूरा पड़ने लगता है।

ऐसे करें रोकथाम

  • खेत की गहरी जुताई एवं मृदा शोधन करना चाहिए।
  • बीजों का शोधन फफूंद नाषक-कार्बेन्डिाजिम या रक्षील 2.5ग्राम/लीटर पानी की दर से घोल बनाकर करना चाहिए।
  • पुरानी एवं रोगी पत्तियों को तोड़कर जला देना चाहिए। ऐसा करने से रोग प्रभावशाली नियंत्रण होता है।
  • फफूंदनाशक क्लोरोथैलोनिल या एजाक्सीट्रोबिन (नातिवो) का 2 ग्राम/लीटर पानी की दर से छिड़काव करना चाहिए।
  • पौधशाला में जब पौध तैयार हो रहे हो तब सम्पर्क फफूंदनाषक का छिड़काव पौंधों पर करना चाहिए।
  • फसल चक्र का प्रयोग करने से लाभ मिलता है।

ओपिनियन पीस: डाॅ. शैलेंद्र विक्रम सिंह, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र (रायबरेली)

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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