#स्वयं फेस्टिवल: सोनभद्र की लड़कियों को बताई उत्तर प्रदेश पुलिस ने डायल 100 व 1090 की ताकत 

#स्वयं फेस्टिवल: सोनभद्र की लड़कियों को बताई  उत्तर प्रदेश पुलिस ने डायल 100 व 1090 की ताकत सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज ब्लाक में जीजीआईसी कालेज का दृश्य।

विष्णु तिवारी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 520 किलोमीटर दूर सोनभद्र जिले के एक सुदूर गाँव में जब एक लड़की स्कूल जाती है तो एक डर हमेशा सताता रहता है जब तक दोबारा वह घर नहीं पहुंच जाती है। लड़कियों के मन से इस डर को निकलने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोनभद्र जिले के जीजीआईसी राबर्ट्सगंज ब्लाक में डायल 100 व 1090 की ताकत के बारे में जानकारी दी और इसे संभव बनाया स्वयं फेस्टिवल 2016 ने।

देश के पहले ग्रामीण अख़बार गाँव कनेक्शन की चौथी वर्षगांठ पर गाँव कनेक्शन फाउंडेशन स्वयं फेस्टिवल 2016 का उत्तर प्रदेश के 25 जिले में आयोजन कर रहा है।

सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज ब्लाक के जीजीआईसी में एक मेले जैसा वातावरण बना हुआ था। यहां पर उत्तर प्रदेश पुलिस का डायल 100 व 1090 पर जानकारी, नुक्कड़ नाटक, विज्ञान प्रदर्शनी और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईओएस प्रभुराम चौहान, सीओ सदर धनंजय सिंह व अन्य शामिल हुए।

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डायल 100 :- सिर्फ 15 मिनट में पहुंचेगी पुलिस

डायल 100 परियोजना पूरे प्रदेश के लिए है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आपदा में फंसे किसी व्यक्ति की सूचना पर 15 से 20 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंचेगी। इसके लिए प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक केन्द्रीयकृत प्रणाली का विकास किया गया है जो कॉलसेंटर की भांति कार्य कर रहा है | लगभग 300 सीटों के प्रस्तावित इस कॉलसेंटर को मिलने वाली सभी कॉल्स रिकॉर्ड होंगी तथा यह वायरलेस, मोबाइल व इंटरनेट आदि से जुड़ा होगा |

यह प्रणाली समस्या के समाधान होने तक पुलिस कार्यवाही की लगातार समीक्षा करती रहेगी | इसके अधीन जिलों में जीपीएसयुक्त गाड़िया घटनास्थल पर कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा|

डायल 100 के फायदे

  1. अगर जंगली जानवर मसलन बाघ, भेड़िया आदि हमला कर दे तो इस सेवा पर मदद मांगने पर पुलिस तुरंत पहुंचेगी।
  2. सांप, बंदर या कुत्ते के काटने पर तक डायल 100 से मदद मिलेगी।
  3. यही नहीं अगर किसी भी आपदा में फंसे हैं तब भी पुलिस आपकी मदद करेगी।
  4. डायल 100 में चौपहिया के साथ-साथ दो पहिया वाहन भी हैं जो घटनास्थल पर सूचना मिलने के भीतर 15 से 20 मिनट में पहुंचेंगे।
  5. इस सेवा के वाहनों को जीपीएस और रेडियो सेट से लैस किया गया है जो घटनास्थल पर तुरंत पहुंचाएंगे।
  6. जैसे ही कोई सूचना डायल 100 तक पहुंचेगी तो वह तत्काल पास के पुलिस थाने, अस्प्ताल, पशु बचाव केंद्र और स्थानीय नागरिक संस्था से संपर्क साधेगा और उन्हें घटनास्थल पर बुलाएगा।
  7. सड़क दुर्घटना के मामले में अगर कोई डायल 100 पर खबर देता है तो पुलिस तत्काल पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी।
  8. अगर कोई जंगली जानवर किसी गाँव या कस्बे में घुस आता है तो डायल 100 के जवान उस इलाके को तब तक सुरक्षा प्रदान करेंगे जब तक वहां वन विभाग के अफसर या कोई अन्य मदद नहीं पहुंच जाती है।
  9. डायल 100 के जवानों को हर तरह के संकट से निपटने में सक्षम हैं, चाहे जंगली जानवर से सुरक्षा की बात हो या किसी आपदा में बचाव कार्य।
  10. अमेरिका में 911 सेवा की शुरुआत इसलिए की गई थी कि अगर कोई भी किसी भी प्रकार के संकट में फंसा है तो वह इस नंबर पर डायल कर मदद मांग सकता है। 911 सेवा का काल सेंटर इस सूचना को संबंधित विभाग से साझा करता है और घटनास्थल तक तुरंत मदद पहुंचती है।
  11. डायल 100 में शहरों में सूचना मिलने से घटनास्थल तक पहुंचने की समय सीमा दोपहिया के लिए दस मिनट और चौपहिया के लिए 15 मिनट है। गाँव में चार पहिया के लिए रिस्पांड टाइम 20 मिनट है।
  12. इस परियोजना पर 2325.35 करोड़ रुपए का खर्च आया है। लखनऊ में मुख्यायल तो आगरा, गाजियाबाद, झांसी और वाराणसी में सहकेंद्र बनाए गए हैं।
  13. 3200 वाहन इस सेवा में लगे हैं। जिनमें 1600 बाइकें हैं।
  14. डायल 100 पर सूचना फोन या संदेश दोनों माध्यम से दी जा सकती है।

वूमेन पावर लाइन-1090

उत्तर प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं को सख्ती से रोकने को प्रदेश सरकार ने वूमेन पॉवर लाइन 1090 की स्थापना की है | साल 2012 से यह सेवा निरन्तर कार्य कर रही है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में वूमेन पॉवर लाइन ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

वूमेन पावर लाइन 1090 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निमित्त वर्ष 2014 में “Women Security App 1090” सेवा भी प्रारम्भ की गई है। इस सेवा से महिलाओं व लड़कियों में सुरक्षा की भावना बलवती हुई है।

वूमेन पावर हेल्पलाइन नंबर 1090 की ताकत

एक राज्य, एक नंबर 1090 कोई भी पीड़ित महिला या उसकी महिला रिश्तेदार अपनी शिकायत इस नंबर पर नि:शुल्क दर्ज करवा सकती है। शिकायत करने वाली महिला की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। पीड़िता को किसी भी हालत में पुलिस थाने या किसी आफिस में नहीं बुलाया जाएगा। हेल्पलाइन में हर हाल में महिला पुलिस अधिकारी ही पीड़िता की शिकायत दर्ज करेगी। महिला पुलिस कर्मी अपने वरिष्ठ पुरूष पुलिस कर्मियों को पीड़ित की केवल उतनी ही जानकारी या सूचना उपलब्ध करवाएगी, जो विवेचना में सहायक हो सके। कॉल सेंटर दर्ज शिकायत पर तब तक काम करता रहेगा जब तक उस पर पूरी कार्रवाई नहीं हो जाती।

इस अवसर स्कूली छात्राओं ने 1090 व डायल 100 के फायदे नुक्कड़ नाटक के जरिए दूसरे छात्राओं को बताया।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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