खेतों में खड़ी फसलों को तबाह कर रहे आवारा पशु

खेतों में खड़ी फसलों को तबाह कर रहे आवारा पशुप्रतीकात्मक फोटो।

शिवम गुप्ता (कम्यूनिटी जर्नलिस्ट)

रूरूगंज (औरैया)। खेतों में खड़ी फसल को आवारा पशु बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों द्वारा कई बार ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को इस बाबत प्रार्थना पत्र देने के बाद भी समाधान नहीं मिला। गोरक्षा करने के लिए सरकार की ओर से फंड दिया जाता है। मगर सड़क और खेतों में घुम रही गायों की कोई रक्षा नहीं की जाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बाहर से लाकर भी पशुओं को छोड़ जाते हैं। ऐसे में यह समस्या दिन प्रतिदिन गहराती जा रही है। नतीजतन, किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान पूरी रात जागकर अपनी फसल की सुरक्षा कर रहे हैं। ऐसे में ज्यादातर किसान मजदूरी की तलाश में बाहर जाना पसंद कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इस क्षेत्र में गौशालाएं नहीं हैं।

इस क्षेत्र में कई गौशालाओं को सरकार द्वारा लाखों रुपए की आर्थिक सहायता प्रति वर्ष मुहैया कराई जाती है। मगर गौरक्षा के नाम से मिलने वाले इस फंड को गौशाला संचालक डकार जाते हैं। यही कारण है कि आवारा गाएं भूखी-प्यासी दिनभर सड़क पर घूमती रहती हैं। शासन-प्रशासन ने भी इन अन्ना मवेशियों की रोकथाम के लिये कोई कदम नहीं उठाए हैं। सहार, ऐरवाकटरा, और कुदरकोट में गौशालायें हैं। लेकिन सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाओं का तो यह लाभ उठाते हैं लेकिन काम कुछ नहीं करते।

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