जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे छात्र

जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे छात्रजमीन पर बैठकर ही बच्चों ने परीक्षा दी।

मीनल टिंगल ,स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं शनिवार से शुरू हो गयीं। कहीं तो बच्चों को कुर्सी और फर्नीचर पर बैठकर परीक्षा देने को मिली तो कहीं जमीन पर बैठकर ही बच्चों ने परीक्षा दी।

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प्रदेश के 1.98 लाख प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले 1.96 करोड़ बच्चों की परीक्षाएं शनिवार से शुरू हो गयी हैं। आदर्श जूनियर हाईस्कूल, काकोरी के प्रधानाध्यापक संदीप सिंह ने बताया कि कक्षा छह के लगभग सात प्रश्नपत्र कम पड़ने के कारण कुछ दिक्कत सामने आयी। इसके बाद प्रश्नों को पन्नों पर लिखकर बच्चों को दिया गया, तब बच्चों ने परीक्षा दी। शहर की बात होती तो प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी करवा ली जाती है, लेकिन गाँव होने के कारण प्रश्नों को पन्नों पर लिखवाना पड़ा लेकिन यह बहुत बड़ी समस्या नहीं लगी।

जहां फर्नीचर की व्यवस्था थी वहां तो बच्चों को कॉपियों पर लिखने में आसानी लगी, लेकिन अधिकतर स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था न होने के चलते कॉपियों पर उत्तर लिखने में बच्चों को दिक्कत आयी। जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर काकोरी के दसदोई प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ने वाली छात्रा चांदनी कहती हैं, “स्कूल में रोज ही जमीन पर बैठकर लिखते हैं, लेकिन परीक्षा देते समय लिखने में दिक्कत हो रही है और समय भी ज्यादा लग रहा है।”

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