पीएचसी व सीएचसी के चिकित्सकों की बनेगी संयुक्त टीम

पीएचसी व सीएचसी के चिकित्सकों की बनेगी संयुक्त टीमजून के महीने से मिलेगी मरीजो को सुविधा।

राजेंद्र सिंह भदोरिया, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को हर हाल में इलाज की सुविधा मिल सके। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टर छुट्टी पर जाएंगे तो पीएचसी से डाक्टर को उनकी जगह बुलाया जाएगा। ऐसा ही पीएचसी में डाक्टर के छुट्टी पर जाने के बाद किया जाएगा। इस व्यवस्था को जून माह से शुरू करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री तक चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कई मामले पहुंचने के बाद इस व्यवस्था की शुरूआत की जा रही है।

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मगरवारा में रहने वाले रामकुमार (55 वर्ष) बताते हैं, “कई दफा ऐसा होता है कि हम सीएचसी जाते हैं, लेकिन डाक्टर के न रहने पर इलाज नहीं मिल पाता। सीएचसी में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी दूसरे दिन आने की बात कह देते हैं। सरकार का यह आदेश अब हमें लाभ देगा, क्योंकि अगर सीएचसी में डाक्टर छुट्टी पर जाते हैं तो दूसरे अस्पताल से डाक्टर आकर उन्हें इलाज दे सकेंगे।”

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राज्य स्तर पर इस योजना को लेकर वार्ता चल रही है। उम्मीद है जून माह के अंत तक इसको लागू कर दिया जाएगा। फिलहाल डॉक्टरों की सूची मांगी गई है।
चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी, सीएमओ

जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की भारी कमी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग किसी तरह डॉक्टरों को इधर से उधर तैनात कर अपना काम चला रहा है। इस बीच अगर किसी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर छुट्टी पर जाते हैं तो वहां मरीजों के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं।

ऐसा उन स्वास्थ्य केंद्रों में अधिक होता है, जहां मरीजों की संख्या अधिक होती है। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के हित में फैसला लेते हुए इस समस्या से निजात पाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि अगर किसी सीएचसी में डाक्टर अनुपस्थित होते हैं या छुट्टी पर जाते हैं तो पास की ही पीएचसी से डाक्टर को बुलाया जाएगा।

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यहां इस बात पर ध्यान रखा जाएगा कि जिस पीएचसी से डाक्टर को बुलाया जा रहा है। वहां मरीजों की संख्या अधिक न हो। वहीं कुछ ऐसा ही पीएचसी पर भी लागू किया जाएगा। पीएचसी पर डॉक्टर के अनुपस्थित रहने पर पास की ही पीएचसी या जरूरत पड़ने पर सीएचसी से डाक्टर को बुलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जून माह से इस व्यवस्था को शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। डाक्टरों का डेटा निदेशालय से मांगा गया है।

कंजौरा में रहने वाले घनश्याम (32 वर्ष) बताते हैं, “डाक्टर अक्सर अस्पताल से गायब रहते हैं। अगर इस आदेश का पालन ठीक तरीके से हो जाता है तो मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। सीएचसी से पीएचसी और पीएचसी से सीएचसी डाक्टर भेजने पर मरीज को बिना इलाज नहीं लौटना पड़ेगा।”

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