इस बार ग्रामीणों को शौचालय मिलने की आस 

इस बार ग्रामीणों को शौचालय मिलने की आस सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।

अरविन्द्र सिंह परमार

ललितपुर। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद आज भी ग्रामीण इलाकों में लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इसकी मुख्य वजह है एक तो उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होना और दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक न पहुंच पाना। फिलहाल सरकार ने जनपद में एक लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है, जिससे ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि इस बार उनको खुले में शौच जाने से निजात मिलेगी।

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ललितपुर जनपद से 45 किलोमीटर महरौनी विकास खण्ड की पचौड़ा पंचायत में रहने वाली बहू (70 वर्ष) बताती हैं, “सपेरा जाति के 200 परिवारों में एक भी शौचालय नहीं हैं। इस उम्र में पैरों से चला भी नहीं जाता। आधा किमी दूर शौच को जाना पड़ता है। प्रधान से कहा लेकिन कोई शौचालय नहीं बनवाता, जिस वजह से गाँव के बाहर गंदगी फैली रहती है। बरसात में शौच जाते समय डर लगा रहता है कि कहीं फिसल न जाएं।” इसी गाँव के महेन्द्र नाथ (62 वर्ष) झुग्गी-झोपड़ी में रहकर गुजर-बसर करते हैं वह कृत्रिम पैर को दिखाते हुए बताते हैं, “चलने में परेशानी होती है, शौचालय नहीं है, पत्नी की मदद से खुले में शौच जाता हूं। वो आगे बताते हैं, “शौचालय बनवाने के बारे में कोई नहीं सोचता।”

स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत जिले की 30 पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किये जाने का लक्ष्य पिछले साल रखा गया था। अब सरकार ने खुले में शौच से मुक्त करने के लिए यूपी के 30 जिलों को चुना है, जिसमें ललितपुर जिले को भी सम्मलित किया गया है, जिसके अन्तर्गत दिसम्बर माह तक एक लाख शौचालय बनाने हैं।

गाँवों को खुले में शौच से मुक्त एवं साफ-सफाई के लिए जागरूक करने की जरूरत है सभी को मिलकर इसमें सहयोग करना होगा।
डॉ. रुपेश कुमार, जिलाधिकारी

धन की कमी से पिछले साल नहीं हो पाया लक्ष्य पूरा

39,196 शौचालय बनाने का लक्ष्य पिछले साल रखा गया था, जिसके सापेक्ष 6,065 शौचालय ही बन पाए क्योंकि शासन से 7,794 शौचालय निर्माण के लिए धनराशि आयी थी। अब इस वर्ष जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य है, जिससे जिले को खुले में शौच से मुक्त किया जा सके। डीपीआरओ ब्रजेन्द्र कुमार ने कहा, “आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सफाई कर्मी, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है, जिससे सम्पूर्ण स्वच्छता अधियान को गति देकर जिले को खुले में शौच से मुक्त किया जा सके।”

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