शौचालय नहीं, इसलिए रोज सहनी पड़ती है बेइज्जती

Ashwani DwivediAshwani Dwivedi   22 May 2017 5:17 PM GMT

शौचालय नहीं, इसलिए रोज सहनी पड़ती है बेइज्जतीस्वच्छता को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। घर-घर शौचालय बनाए जा रहे हैं और खुले में शौच से मुक्त गाँव का नारा भी दिया जा रहा है। स्वच्छता को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद कई गाँव ऐसे हैं जहां अभी भी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं, जिससे तरह-तरह की बीमारियां तो हो ही रहीं हैं, साथ ही महिलाओं की आबरू भी खतरे में रहती है।

केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही देश में शौचालय और स्वच्छ भारत अभियान को प्रोत्साहित कर शौचालयों के इस्तेमाल पर जोर दे रही हैं। खुले में शौच जाने से रोकने के लिए सरकारी मदद से शौचालय भी बनाए जा रहे हैं। लेकिन, देहात क्षेत्र के गाँवों में आज भी शौचालय न होने के कारण महिलाएं खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। वह भी अपने मान-सम्मान के साथ आबरू को खतरे में डालकर वे खुले में शौच जा रही हैं। विकास खंड मलिहाबाद ब्लॉक के गाँव रामनगर की रहने वाली संतोषी (30 वर्ष) बताती हैं, “हमारी शादी को 15 वर्ष हो गए। गरीबी के चलते आज तक घर वाले शौचालय नहीं बनवा पाए हैं। बाहर जाने में बेइज्जती महसूस होती है, खुले में शौच न जाएं तो क्या करें?”

ये भी पढ़ें- संरक्षण के अभाव में जर्जर हो रहा मुगलकालीन मंदिर

जब हमको गाँव वाले और प्रधान लिस्ट देंगे तो उसे शासन से मंजूर कराकर शौचालय निर्माण के आदेश दिए जाएंगे।
उमेश लाल श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत, मलिहाबाद

रामनगर निवासी संगीता (40 वर्ष) कहती हैं, “सरकार द्वारा शौचालय न मिल पाने के कारण हम लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। क्योंकि हमारे गाँव के चारों ओर बाग़ ही बाग़ हैं। जब-जब आम का सीजन आता है तब-तब बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों को गाँव के बाहर एक किलोमीटर दूर शौच के लिए जाना पड़ता है।”

मलिहाबाद के गाँव भुलसी में गाँव कनेक्शन के कार्यक्रम ‘बनिये अपने गाँव की आवाज’ कार्यक्रम में नीतू (35 वर्ष) ने बताया, “इस समय आम का सीजन चल रहा है। हर कोई अपनी बाग में रहता है। बाग में जाओ तो लोग गालियां देते हैं। हमारी इतनी कूवत नहीं है कि हम शौचालय बनवा पाएं। हर रोज बेइज्जती सहनी पड़ती है।”

ये भी पढ़ें- आज से दौड़ेगी एलईडी टीवी, वाई-फाई, सीसीटीवी से लैस तेजस एक्सप्रेस, रेलमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

बहू की आबरू भी पड़ गई थी खतरे में

ग्राम पीर नगर के निवासी छोटे लाल मौर्या (50 वर्ष) बताते हैं, “करीब डेढ़ माह पहले मेरे ही बाग के पास गाँव की बहू (25 वर्ष) अपनी (पांच वर्ष) बच्ची को साथ लेकर शौच के लिए गई थी। वहीं किसी अज्ञात युवक ने पकड़कर खींच लिया। उसे चाकू दिखाकर धमकाया, महिला के शोर मचाने पर गाँव के लोग टार्च और डंडा लेकर दौड़े तो वो युवक महिला को छोड़कर भाग गया। इसकी सूचना महिला के परिजनों ने रहीमाबाद पुलिस चौकी पर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने कहा कि आरोपी का नाम-पता बताओ अब नाम-पता था नहीं तो परिजन घर लौट आए और कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top