अब यूपी में भी उगाए जा रहे हैं अंगूर, इलाहाबाद के कई गांवों में किसानों ने शुरु की खेती

Divendra SinghDivendra Singh   2 Feb 2017 1:58 PM GMT

अब यूपी में भी उगाए जा रहे हैं अंगूर, इलाहाबाद के कई गांवों में किसानों ने शुरु की खेतीअंगूर की खेती फोटो साभार।

इलाहाबाद। धान गेहूं जैसे परंपरागत खेती करने वाले किसान अब अंगूर की भी खेती करने लगे हैं, साथ ही उनका उत्पादन भी अच्छा हो रहा है। इलाहाबाद जिले से दक्षिण दिशा में लगभग 30 किमी दूर करछना ब्लॉक के कई गाँवों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अंगूर की खेती शुरू की है। अच्छी उपज मिलने पर दूसरे किसानों का भी रुझान अब अंगूर की खेती की तरफ बढ़ने लगा है।

करछना ब्लॉक के भरहरा गाँव के किसान राम सेवक (45 वर्ष) कहते हैं, "उद्यान विभाग से हमें अंगूर की खेती की जानकारी मिली थी, कंपनी बाग से अंगूर की नर्सरी मिल गयी थी। पौधे जब बड़े होने लगे तो मचान का सहारा दे दिया था। अच्छी फसल हुई है, फल भी अच्छे आए हैं।" वो आगे बताते हैं, "मेरी फसल देखकर दूसरे किसान भी अब अंगूर की खेती करना चाहते हैं।"

अंगूर की बागवानी गर्म क्षेत्रों के लिए सही होती है, जिसके लिए अधिक समय तक गर्मी का मौसम अनुकूल माना जाता है। कंकरीली, रेतीली और दोमट मिट्टी मे उगने वाला अंगूर अच्छी जल निकासी वाले क्षेत्र मे अच्छा फल देता है। अधिक चिकनी मिट्टी में इसकी खेती नहीं हो पाती है।

चंद्र शेखर आजाद पार्क (कंपनी गार्डेन) में पिछले कई वर्षों से अंगूर की खेती पर काम हो रहा है। यहां के करीब दस पांच बीघा में अंगूर लगाया गया है। पार्क के अधीक्षक राम सिंह यादव बताते हैं, "पार्क के फार्म में कई वर्षों से अंगूर की खेती पर काम हो रहा है। यहीं से तैयार नर्सरी से पौधे किसानों को दी गयी हैं। अंगूर की सबसे प्रचलित किस्म पारलेट यहां के लिए सही है अंगूर की दूसरी किस्में बंगलोर ब्लू, अबने साही और दूसरी सीडलेस किस्में यहां अभी कामयाब नहीं है।"

राष्ट्रीय उद्यान विभाग के अनुसार दुनिया के दस अंगूर उत्पादकों में भारत भी है। देश में कुल 49 हजार हेक्टेयर में अंगूर की खेती होती है। 1209.60 हजार टन अंगूर का उत्पादन होता है। अंगूर ने उत्तर भारत में भी एक महत्वपूर्ण फल के रूप में अपना स्थान बना लिया है और इन क्षेत्रों में इसका क्षेत्रफल काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है।

राष्ट्रीय उद्यान विभाग के अनुसार दुनिया के दस अंगूर उत्पादकों में भारत भी है। देश में कुल 49 हजार हेक्टेयर में अंगूर की खेती होती है। 1209.60 हजार टन अंगूर का उत्पादन होता है। अंगूर ने उत्तर भारत में भी एक महत्वपूर्ण फल के रूप में अपना स्थान बना लिया है और इन क्षेत्रों में इसका क्षेत्रफल काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दशकों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अंगूर कि खेती ने प्रगति की है।

जिले में अमरूद की बागवानी ज्यादा होती हैं, लेकिन अब विभाग ने केला, अनार, अंगूर जैसे फल वाले फसलों की बागवानी भी शुरु की जा रही है। अभी पायलट प्रोजेक्ट अगर सही रहा तो जिले के दूसरे ब्लॉक में भी शुरु की जाएगी।”
रमेश कुमार उत्तम, जिला बागवानी अधिकारी, इलाहाबाद

इस बारे में जिला उद्यान अधिकारी उमेश कुमार उत्तम कहते हैं, "जिले में अमरूद की बागवानी ज्यादा होती हैं, लेकिन अब विभाग ने केला, अनार, अंगूर जैसे फल वाले फसलों की बागवानी भी शुरु की जा रही है। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अंगूर की खेती शुरुआत की गयी है। अगर सही रहा तो जिले के दूसरे ब्लॉक में भी शुरु की जाएगी।"

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