परीक्षा की तैयारियों में यूपी बोर्ड फिर फेल, परीक्षा केन्द्रों पर शिक्षकों की रही कमी

परीक्षा की तैयारियों में यूपी बोर्ड फिर फेल, परीक्षा केन्द्रों पर शिक्षकों की रही कमीपरीक्षा केन्द्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी रही।

मीनल टिंगल,स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। पिछले कई महीनों से जारी यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारियों के बावजूद गुरुवार को परीक्षाएं भारी अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुईं। अधिकतर परीक्षा केन्द्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी रही। वहीं कई परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थी बिजली और पानी के लिए भी परेशान दिखे।

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इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए लखनऊ मे 150 केन्द्र बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर 4,973 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगायी गयी, जिनमें से आधे से ज्यादा कक्ष निरीक्षक अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा लगभग 20 प्रतिशत कक्ष निरीक्षक ज्यादा ड्यूटी पर लगाये जाने की बात जिला विद्यालय निरीक्षक, उमेश कुमार त्रिपाठी द्वारा कही गयी थी। लखनऊ में इस बार 11 केन्द्रों को अतिसंवेदनशील व 28 केन्द्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इसके बावजूद व्यवस्थाएं चरमरा गईं।

बोर्ड परीक्षाएं गुरुवार को दो पालियों में संचालित हुईं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 7:30 से 10:45 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 से 5:15 बजे तक संचालित हुई। परीक्षा प्रदेश के 75 जिलों के 11,413 केंद्रों पर संचालित हुई, जिसमें प्रदेश भर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 60 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हाईस्कूल में 34,04,471 और इंटरमीडिएट में 26,24,681 यानि कुल 60,29,152 लाख रेगुलर और प्राइवेट छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

परीक्षा का पहला दिन था इसलिए बड़ी संख्या में कक्ष निरीक्षक अपनी ड्यूटी करने परीक्षा केन्द्रों पर नहीं पहुंचे हैं। इस बारे में नोटिफिकेशन किया जा रहा है।
उमेश कुमार त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक।

सामूहिक नकल की तैयारियों पर डीआईओएस ने फेरा पानी

कुंवर आसिफ अली इंटर कॉलेज गढ़ी जिंदौर में जिला विद्यालय निरीक्षक ने जब गुरुवार को परीक्षा के दौरान औचक निरीक्षण किया तो विद्यालय की प्रधानाचार्या ने कक्ष निरीक्षक पर अनुचित दबाव बनाकर अपने स्कूल की सभी छात्राओं को एक साथ बिठाया हुआ था, जिससे उनको सामूहिक नकल करायी जा सके। जि.वि.नि. ने इस पर कार्रवाई करते हुए प्रधानाचार्या को परीक्षा कार्य से तत्काल निष्कासित कर दिया और भविष्य में परीक्षा केन्द्र को काली सूची में डालने की बात कही। वहीं, चन्द्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज, गहदेव, मॉल में जि.वि.नि. की टीम ने हाईस्कूल की हिन्दी विषय की परीक्षा में हिन्दी विषय के ही शिक्षक मौजूद होने पर केन्द्र व्यवस्थापक को परीक्षा से तत्काल हटाये जाने के आदेश दिये।

हर परीक्षा केन्द्र पर रही कक्ष निरीक्षकों की कमी

“मेरे परीक्षा केन्द्र पर पन्द्रह कक्ष निरीक्षक बाहर के स्कूलों से मांगे गये थे, जिनमें से केवल छ: कक्ष निरीक्षक ही परीक्षा केन्द्र पर पहुंचे। आधे से ज्यादा कक्ष निरीक्षकों ने अपनी उपस्थिति परीक्षा में दर्ज नहीं करवायी।” राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, शाहमीना रोड की प्रधानाचार्या, प्रीता शुक्ला ने यह शिकायत दर्ज करवायी। ऐसा नहीं है कि केवल इस परीक्षा केन्द्र पर ही कक्ष निरीक्षकों की कमी रही हो। शहर हो या गांव, लगभग सभी परीक्षा केन्द्रों पर कक्ष निरीक्षकों की भारी कमी रही। सुबह और दोपहर दोनों ही पालियों में संचालित हुई परीक्षाओं के दौरान पर्याप्त संख्या में कक्ष निरीक्षक परीक्षा केन्द्रों पर नहीं पहुंचे।

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