उन्नाव: जिला अस्पताल में इमरजेंसी ब्लॉक तैयार, शुरू होने का इंतजार

उन्नाव: जिला अस्पताल में इमरजेंसी ब्लॉक तैयार, शुरू होने का इंतजारउन्नाव के जिला अस्पताल में बनकर तैयार इमरजेन्सी ब्लॉक।

मोहित अस्थाना, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। जिला अस्पताल में इमरजेंसी ब्लॉक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण करा रही संस्था ने स्वास्थ्य विभाग को भवन हैंडओवर भी कर दिया है। लेकिन अभी यहां मरीजों को इलाज की सुविधा पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के आदेश पर हाल में पुरानी इमरजेंसी कक्ष को ट्रामा सेंटर स्थानांतरित कर दिया गया था। इस बीच न्यू इमरजेंसी ब्लाक का निर्माण पूरा हो गया। इमरजेंसी कक्ष का निर्माण पूरा होने के बाद अब जिम्मेदार दोबारा इमरजेंसी कक्ष को ट्रामा सेंटर से हटाकर नए भवन में ट्रांसफर करने के लिए अधिकारी के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारी का आदेश न जारी होने तक मरीजों को इमरजेंसी उपचार की सुविधा ट्रामा सेंटर में ही उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके, इसके लिए दो वर्ष पूर्व जिला अस्पताल परिसर में ही अलग से इमरजेंसी भवन का निर्माण कराने के आदेश दिए गए थे। शासन ने इमरजेंसी ब्लाक के निर्माण के लिए दो करोड़ 18 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया था। साथ ही भवन के निर्माण की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को दी गई थी। दो साल में भवन का निर्माण पूरा करने के बाद प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड ने न्यू इमरजेंसी कक्ष को स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द कर दिया है। हालांकि भवन के हैंडओवर करने के बाद इसे चालू किया जाए या नहीं इसको लेकर संशय बना हुआ है।

मौजूदा समय में जिला अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष ट्रामा सेंटर भवन में संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के आदेश के बाद इमरजेंसी कक्ष को ट्रामा सेंटर में शिफ्ट किया गया था। न्यू इमरजेंसी कक्ष हैंडओवर होने के बाद यहां वार्ड में मरीजों के लिए बेड आदि शिफ्ट किए जा रहे हैं। हालांकि इसे कब शुरू किया जाएगा, इसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नया भवन बनकर तैयार है। आला अधिकारियों का जब आदेश मिलेगा तब ट्रामा सेंटर से इमरजेंसी सुविधा को नए भवन में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

मरीजों को उठानी पड़ रही परेशानी

ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इमरजेंसी कक्ष को ट्रांसफर करने के आदेश दिए गए थे। आदेश का अनुपालन करते हुए इमरजेंसी कक्ष को फौरन ट्रामा सेंटर में ट्रांसफर कर दिया गया। अधिकारियों का यह आदेश मरीजों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को यह पता ही नहीं चल पाता कि इमरजेंसी कक्ष कहां है। इस बीच इलाज के बाद उन्हें वार्ड तक आने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी तो उन मरीजों को उठानी पड़ती है जिन्हें स्ट्रेचर के जरिए इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। यही नहीं एक्सरे कराने के लिए भी मरीजों को ट्रामा सेंटर से जिला अस्पताल में बने एक्सरे कक्ष तक का सफर तय करना पड़ता है। नए भवन में इमरजेंसी कक्ष चालू हो जाने के बाद मरीजों को इन समस्याओं से राहत मिल जाएगी।

एक ही छत के नीचे सारी सुविधा

न्यू इमरजेंसी कक्ष के अंदर ही मरीजों को इलाज की सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। मरीजों के लिए यहां तीन वार्ड बनाए गए हैं। एक्सरे की सुविधा के साथ ही माइनर ओटी और एक आब्जर्वेशन कक्ष भी यहां मौजूद हैं। इसके साथ ही एक दवा स्टोर और डॉक्टरों के लिए अलग से रूम बनाया गया है।

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