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उन्नाव पुलिस अपनों से दूर रहने वाले बुजुर्गों का बनेगी सहारा

उन्नाव पुलिस अपनों से दूर रहने वाले बुजुर्गों का बनेगी सहाराप्रतीकात्मक फोटो।

मयंक तिवारी, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। अपनों से दूर घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों का अब पुलिस सहारा बनेगी। जिले के प्रत्येक थानाक्षेत्र में बुजुर्गों का डेटा बैंक तैयार किया जा रहा है। इस डेटा बैंक में वरिष्ठ नागरिक से जुड़ी हर एक अहम जानकारी उपलब्ध होगी। जिसके तहत जरूरत पड़ने पर पुलिस किसी भी समय उनसे संपर्क कर सकेगी। वहीं बुजुर्गों को पुलिस से संपर्क करने में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए उन्हें एक विशेष मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिस पर वह कभी भी पुलिस से संपर्क कर सकेंगे। इस नई पहल की शुरुआत जिले में हो चुकी है। शहर कोतवाली में हर एक मोहल्ले में पुलिस ने मीटिंग भी शुरू कर दी है। जहां घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया गया है।

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बेसहारा बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है। नई व्यवस्था के तहत थानाक्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों का डेटा बैंक तैयार किया जा रहा है। डेटा बैंक के लिए सभी थानों पर एक वरिष्ठ नागरिक रजिस्टर रखा गया है जिसमें उनका पूरा ब्यौरा दर्ज होगा। थानों पर बनाए जा रहे वरिष्ठ नागरिक रजिस्टर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल करने वाले नौकर का ब्यौरा भी शामिल होगा। नौकर का सत्यापन खुद पुलिस करेगी और उसे नौकरी पर रखवाने वाले से शपथ पत्र लिया जाएगा।

शहर कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार तिवारी ने बताया,“शहर के सभी मोहल्लों में उनके द्वारा मीटिंग की जा रही है। मीटिंग के जरिए ही वरिष्ठ नागरिकों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इस ब्यौरे को पुलिस एक अलग रजिस्टर में दर्ज कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बीट इंचार्ज को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वह उन बुजुर्गों से दिन में दो बार संपर्क करें जिनका ब्यौरा पुलिस के पास दर्ज होगा।”

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