बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू 

बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं।

मीनल टिंगल ,स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। लेकिन इस बार भी कई स्कूलों के परीक्षा केंद्र कई किलोमीटर दूर बना दिए गए हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

“जिस स्कूल में पढ़ते हैं वह दो किलोमीटर दूर है लेकिन परीक्षा में परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए 12 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा, बहुत दिक्कत है।” कक्षा 12 में पढ़ने वाली रेशम यादव (17 वर्ष) ने 12 किलोमीटर दूर जाकर परीक्षा देने की मजबूरी बयां की। रेशम बताती हैं, “पहले सर ने कहा था कि पांच किलोमीटर के अंदर ही परीक्षा केंद्र होगा या फिर अपना ही स्कूल होगा तो राहत थी लेकिन अब मैं भी घबरा रही हूं और घर वाले भी।”

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हाईकोर्ट के आदेश के बाजवूद यूपी बोर्ड परीक्षा में छात्राओं के परीक्षा केन्द्र 10 से 15 किलोमीटर दूर तक बनाये गये हैं जबकि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार छात्राओं के परीक्षा केन्द्र पांच किलोमीटर के दायरे में होने चाहिये। 16 मार्च से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं जिसमें लगभग 60 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। 10वीं में 34,04,471 और 12वीं में 26,24,681 यानि कुल 60,29,152 लाख रेगुलर और प्राइवेट छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

लखनऊ जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित रेवती विवेकानंद मॉन्टेसरी स्कूल, काकोरी के प्रबंधक गोमती यादव (42 वर्ष) कहते हैं, “मेरे स्कूल में हाईस्कूल में 43 और इंटरमीडिएट में 43 छात्राएं इस वर्ष बोर्ड परीक्षा देने जा रही हैं। इन सभी का परीक्षा केंद्र मेरे स्कूल से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित नटरिया बराती खेड़ा स्थत बाबू त्रिलोकी नाथ इंटर कॉलेज में डाल दिया गया है। इन छात्राओं के घर से परीक्षा केंद्र की दूरी लगभग 12-13 किलोमीटर पड़ेगी।” गोमती यादव आगे बताते हैं, “इस बारे में मैंने जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी से कई बार निवेदन किया कि छात्राओं के हित को ध्यान में रखकर परीक्षा केंद्र बदलवाएं या मेरे स्कूल जहां बच्चियां पढ़ती हैं को परीक्षा केंद्र बनायें लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”

गोडवा बरौकी हाईस्कूल गोडवा मॉल में पढ़ाने वाले अध्यापक कृष्ण गोपाल गुप्ता कहते हैं, “मेरे स्कूल में हाईस्कूल व इंटर में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या लगभग 125 है जो इस बार बोर्ड परीक्षा देंगी। इन सभी का परीक्षा केंद्र 16 किलोमीटर दूर डाल दिया गया है। इस बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक, उमेश कुमार त्रिपाठी से बहुत पहले शिकायत की थी लेकिन उन्होंने अनसुनी कर दी। बच्चियों को इतनी दूर जाने में बहुत सारी दिक्कतें होंगी जिनका ख्याल नहीं रखा गया है।” इस बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक, उमेश कुमार त्रिपाठी का कहना है, “मेरे सामने इस तरह की कोई शिकायत नहीं आयी है। यदि आयी होती तो इस बारे में विचार किया जाता। अब गुरुवार से परीक्षा शुरू होने जा रही हैं इसलिए अब कुछ नहीं किया जा सकता।”

हाईकोर्ट में दायर की गई थी याचिका

इस संबंध में पिछले दिनों हाईकोर्ट में इलाहाबाद की पुष्पा देवी और नौ अन्य छात्राओं ने याचिका दाखिल की थी। इसमें यूपी बोर्ड द्वारा परीक्षा केंद्र 16 किलोमीटर दूर बनाये जाने पर रोक लगाये जाने की मांग की गई थी। याचिका में 13 अक्टूबर 16 के शासनादेश का हवाला दिया गया था। इसमें कहा गया कि लड़कियों का परीक्षा केन्द्र या तो उनके कॉलेज में रखा जाएगा या फिर 5 किलोमीटर की सीमा के भीतर रहेगा।

मामले की सुनवाई करते हुये न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने यूपी बोर्ड से जवाब मांगा था। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की सचिव, शैल यादव ने कहा कि जिन छात्राओं ने परीक्षा केंद्र की दूरी के संबंध में याचिका दायर की थी उन नौ छात्राओं के परीक्षा केंद्र की दूरी कम करते हुए दूसरा परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। यह पूछने पर कि कई स्कूलों के प्रबन्धकों ने परीक्षा केंद्र की दूरी के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत की थी लेकिन इस पर कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया गया। इस पर शैल यादव ने कहा, “मेरे पास इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई। जो भी हुआ होगा वह जिला विद्यालय निरीक्षक तक ही रहा होगा। अब यदि शिकायत आती भी है तो इस बारे में अब कुछ नहीं किया जा सकता क्योंकि गुरुवार से परीक्षा शुरू हो रही है।

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