गाँव के चंदे से बना मॉडल पेशाब घर

Vinod SharmaVinod Sharma   19 Jun 2017 6:15 PM GMT

गाँव के चंदे से बना मॉडल पेशाब घरराजातालाब चौराहा पर चंदे से बना मॉडल पेशाब घर

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में कचनार गाँव में स्वच्छता के प्रति युवाओं ने दीवानगी की मिसाल कायम की है। पूरे गाँव ने मिलकर चंदा इकठ्ठा कर मॉडल पेशाब घर बनवाया है।

कचनार गाँव जिले के कैंट रेलवे स्टेशन से करीब 17 किमी दूर मोहनसराय-इलाहाबाद मार्ग पर राजातालाब चौराहा के पास स्थित है। गाँव और बाजार के लोगों ने चंदा इकठ्ठा कर सार्वजनिक महिला व पुरुष पेशाब घर का निर्माण कराया है। बारिश के बाद इस मॉडल पेशाब घर के आगे बची जगह पर शौचालय बनेगा और आरओ प्लांट भी लगेगा। इस पेशाब घर के निर्माण के लिए वर्तमान ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों को जेल तक जाना पड़ा है।

ये भी पढ़ें : यह गाँव बनेगा यूपी का पहला आदर्श ग्राम, जानिए क्या है खास

ग्राम प्रधान विजय पटेल (40 वर्ष) ने बताया, ''पेशाब घर में पानी, बिजली तथा सोलर लाइट की भी व्यवस्था की गई है। पहले इस जगह पर अवैध कब्जा था, जिसे मुक्त कराने के लिए 2015 में जनांदोलन किया गया। इस दौरान मेरे साथ तीन लोगों को जेल तक जाना पड़ा।इसके बावजूद आंदोलन थमा नहीं, बल्कि गाँव और बाजार वालों को पूरा समर्थन मिला। बाद में तत्कालीन एसडीएम के आदेश पर अवैध कब्जा हटाया गया।''

ये भी पढ़ें : ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों के लिए लगाया आरओ

स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर लोगों ने पेशाब घर के लिए धन देना शुरू कर दिया और मार्च में होली बाद निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया। 15 जून को मजदूरी छोड़कर करीब 2.15 लाख की लागत से नवनिर्मित मॉडल पेशाब घर आमजन को समर्पित कर दिया गया।

गाँव क 35 वर्षीय सुधीर चौहान कहते हैं, “प्रधान का विशेष लगाकर देखकर ही मेरी भी इच्छा भी मदद करने की। इसके अलावा वीरभानपुर गाँव के प्रधान राकेश कुमार सिंह, कल्लीपुर प्रधान तेजनाथ पटेल कचहरिया प्रधान देवेंद्र सिंह, नागेपुर के ग्राम प्रधान मुकेश पटेल ने भी विशेष योगदान किया है।''

ये भी पढ़ें : पब्लिक स्कूलों को मात देता है ये प्राइमरी स्कूल, कंप्यूटर पर पढ़ते हैं बच्चे

गाँव में शौचालय निर्माण के लिए लोगों का जुझारू पर देखते हुए ठेकेदार आकाश सिंह चौहान बताते हैं कि पेशाब घर के लिए लोगों का लगाव और आर्थिक मदद देखकर काफी प्रसन्नता हुई। इस बारे में जानकार मेरे परिवार को भी अच्छा लगा। इसके बाद मैंने भी मजदूरी नहीं लेने का निर्णय लिया।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिएयहांक्लिक करें।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top