गाँव-गाँव लग रहे सोलर पंप, और बढ़ रही मांग

Swati ShuklaSwati Shukla   29 Jan 2017 11:29 AM GMT

गाँव-गाँव लग रहे सोलर पंप, और बढ़ रही मांगउत्तर प्रदेश सरकार किसानों को दो हार्सपावर, तीन हार्सपावर और पांच हार्सपावर वाले सोलर पंप अनुदान दे रही है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हर गाँव में सोलर पंप लगाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। भारत सरकार की टीम के साथ बैठक में प्रदेश की तरफ से सोलर पंपों के लिए अतिरिक्त मांग की गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को दो हार्सपावर, तीन हार्सपावर और पांच हार्सपावर वाले सोलर पंप अनुदान दे रही है। इसमें दो और तीन हार्सपावर वाले पंपों पर 75 प्रतिशत और पांच हार्सपावर वाले सोलर पंप पर 50 प्रतिशत अनुदान लाभार्थी को दिया जा रहा है। प्रदेश के कृषि विभाग ने किसानों का रुझान सोलर पंपों की तरफ बढ़ता देख भारत सरकार से अधिक संख्या में सोलर पंप मुहैया करने की मांग की है।

मांग के अनुसार सभी जिलों को दो-दो हजार सोलर पम्प का लक्ष्य दिया गया है, इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 5 साल का समय दिया गया है। सोनभद्र में सबसे ज्यादा सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उपकृषि निदेशक लखनऊ डीके सिंह बताते हैं, ‘’सभी किसानों के लिए सोलर पंप बहुत अधिक लाभदायक है। इस बार प्रदेश के प्रत्येक गाँवों में सोलर पंप हो, इसका प्रयास किया जा रहा है। हर जिलों को दो हजार पंप लगाने का लक्ष्य दिया गया है।”

सभी किसानों के लिए सोलर पंप बहुत अधिक लाभदायक है। इस बार प्रदेश के प्रत्येक गाँवों में सोलर पंप हो, इसका प्रयास किया जा रहा है। हर जिलों को दो हजार पंप लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
डीके सिंह, उपकृषि निदेशक लखनऊ।

सिंचाई की मार झेल रहे किसान पहले सिर्फ एक फसल की उगा पाते थे, लेकिन सोलर पंप लगाने से किसानों को तीन फसल का फायदा मिल सकता है। सोलर पंप से किसान खेती के अलावा छोटी डेयरी भी चला सकता है और मछली उत्पादन भी कर सकता है। सोलर पम्प बड़े किसानों व छोटे किसान दोनों के लिए लाभदायक है।

केंद्र व राज्य सरकार मिलकर 75 प्रतिशत अनुदान सोलर पम्प लगवाने वाले किसानों को दे रहे हैं। राजधानी में 6000 सोलर पम्प का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 4500 सोलर पम्प लग गए हैं। जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर महिठा गाँव के किसान चन्द्र प्रकाश यादव (48 वर्ष) बताते हैं, ‘’पहले हमने गाँव में सोलर पंप लगवाया था। पहले पंजीकरण कराया, उसके बाद सोलर पंप मिला। पंप मिलने से खेती करने में आसानी हो गई और फसल भी अच्छी हो रही है। हमको देख कर बहुत से किसान इसको लगवा रहे हैं।”

ऐसे होता है चयन

इसमें किसानों का चयन कृषि विभाग के द्वारा किया जाता हैं और टेक्निकल गाइड यूपीनेडा का रहता है। किसानों को इसका लाभ लेने के लिये ऑनलाइन किसान पंजीकरण कराना आवश्यक होता हैं। इसके बाद वो जिले के उपकृषि निदेशक के दफ्तर में सोलर पम्प लगवाने के लिये आवेदन कर सकता है। किसान को केवल अपने कृषक अंश का ड्राफ्ट सम्बन्धित फार्म के नाम का बनवा के कृषि विभाग में ही जमा करना होता है, तत्पश्चात उसके यहां सोलर पम्प लग जाता है।

किसानों को पंजीकरण कराने के लिए अपने साथ खतौनी, बैंक पासबुक और पहचान पत्र के साथ उनकी फोटोकॉपी ले जाकर अपने ब्लॉक आफिस से पंजीकरण करा सकता है। इसके बाद लाभार्थी का चयन हो जाने पर उसके द्वारा चुने गए सोलर वॉटर पंप को लगवाने के लिए उसे एक डिमांड ड्रफ्ट बनवा कर जमा करना होगा। जिसके बाद सोलर वॉटर पंप उसके खेत या बताई गई जगह पर कंपनी द्वारा लगा दिया जाएगा।

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