दो-तीन दिनों में बदल सकता है मौसम का मिजाज, किसानों को नुकसान पहुंचा सकती है बारिश 

दो-तीन दिनों में बदल सकता है मौसम का मिजाज, किसानों को नुकसान पहुंचा सकती है बारिश मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हो सकती है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। मौसम में आए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, ऐसे में अगर बारिश हो जाती है तो तैयार फसल को काफी नुकसान हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हो सकती है।

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रबी की फसलों में सरसों, गेहूं, आलू जैसी फसलें तैयार हो गई हैं। सरसों की फली में दाने भरे गए हैं, ऐसे में अगर बारिश होती है तो फली चटक सकती हैं। वहीं खेतों में लगभग 100 दिन पूरा कर चुकी गेहूं की फसल में दाना पकने को तैयार है। ऐसे में अगर तेज हवा के साथ बारिश या ओलावृष्टि हुई तो खेतों में फसल गिर जाएगी। ऐसे में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर फर्क पड़ेगा।

उत्तर प्रदेश मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता कहते हैं, “पिछले एक-दो दिनों में प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई है और अगले दो-तीन दिनों में भी बारिश होने की संभावना है। मार्च के दूसरे हफ्ते में भी यह क्रम जारी रह सकता है, पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हो सकती है।” मार्च के महीने में लाही, मसूर, आलू जैसी फसलें तैयार हो जाती हैं, फसल को काटकर किसान मड़ाई के लिए खलिहान में रख रहे हैं, इसलिए किसान जल्दी ही फसल की मड़ाई कर लें।

पिछले एक-दो दिनों में प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई है और अगले दो-तीन दिनों में भी बारिश होने की संभावना है। मार्च के दूसरे हफ्ते में भी यह क्रम जारी रह सकता है, पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हो सकती है।
जेपी गुप्ता, निदेशक, मौसम विभाग, यूपी

मौसम विभाग ने बारिश की आशंका जताई है।

प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 25 किमी. दूर शिवगढ़ ब्लॉक के भिखनापुर गाँव के किसान विजय सिंह (55 वर्ष) बताते हैं, “इस समय सरसों की फसल पूरी तरह से तैयार हो गयी है, सरसों के साथ ही मटर और आलू भी तैयार हो गयी। अगर बारिश होगी तो नुकसान हो जाएगा।” मटर, मसूर, सरसों, अलसी की फसल पानी में भीगने के बाद उसमें जमाव शुरू हो जाता है। मसूर की फसल सड़ने लगती है।

अगर इस महीने बारिश होती है तो गेहूं की फसल खराब हो जाएगी। क्योंकि इस गेहूं में बालियां निकल आई हैं। बरसात के साथ अगर हवा चली तो गेहूं की फसल गिर जाएगी। इससे गेहूं के दाने पतले व कमजोर पड़ जाएंगे और उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
डीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी प्रतापगढ़

“अगर इस महीने बारिश होती है तो गेहूं की फसल खराब हो जाएगी। क्योंकि इस गेहूं में बालियां निकल आई हैं।

बरसात के साथ अगर हवा चली तो गेहूं की फसल गिर जाएगी। इससे गेहूं के दाने पतले व कमजोर पड़ जाएंगे और उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।” प्रतापगढ़ के जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह बताते हैं।

वो आगे बताते हैं, “देर से बोई गयी फसल को नुकसान नहीं होगा, सबसे ज्यादा नुकसान पूरी तरह से तैयार फसल को होगा। बारिश से आलू की खेतों में नमी आ जाएगी और आलू की खुदाई प्रभावित हो सकती है।”

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