नयी सरकार से क्या चाहती हैं ग्रामीण महिलाएं?

Neetu SinghNeetu Singh   14 March 2017 6:37 PM GMT

नयी सरकार से क्या चाहती हैं ग्रामीण महिलाएं?इस बार भाजपा सरकार से ग्रामीण महिलाओं ने रोजगार की मांग की है। 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

बख्शी का तालाब (लखनऊ)। किसी भी सरकार की तरफ से ग्रामीण महिलाओं के रोजगार के लिए किसी ऐसी योजना की शुरुआत नहीं की गयी, जिससे वो अपने गाँव में रहकर आमदनी कमा सकें। इस बार भाजपा सरकार से ग्रामीण महिलाओं ने रोजगार की मांग की है।

लखनऊ जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर बख्शी का तालाब ब्लॉक की सीवां ग्राम पंचायत की माधुरी देवी (40 वर्ष) बताती हैं, “गाँव में रहकर हम कहीं दूर फैक्ट्री में काम करने नहीं जा सकते हैं, अगर सरकार हमे गाँव में रहकर कोई रोजगार मुहैया कराए तो हमारे घरेलू खर्चे आसानी से चला सकते हैं। आंकड़ो की बात करें तो एनएसएसओ रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी रोजगार के मामले में महिलाओं का अनुपात पुरुषों के मुकाबले कम है। एक हजार पुरुषों की तुलना में शहर में 214 महिलाओं के पास व गाँव में 396 महिलाओं के पास रोजगार है।

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सीवां गाँव में रहने वाली रामकुमारी (40 वर्ष) का कहना है, “सरकार सबसे पहले महिलाओं को कमाई करने का कोई जरिया दे, वोट देने के बाद हमें मोदी सरकार से यही उम्मीद है कि महिलाओं के बारे सबसे पहले सोचे जिससे हम अपने आप को कमजोर न समझें।

संयुक्त राष्ट्र श्रम संगठन की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 और 2018 के बीच भारत में बेरोजगारी में मामूली इजाफा हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार आशंका है कि पिछले साल के 1.77 करोड़ बेरोजगारों की तुलना में 2017 में भारत में बेरोजगारों की संख्या 1.78 करोड़ और उसके अगले साल 1.8 करोड़ हो सकती है।

“भाजपा सरकार से यही उम्मीद है कि हमे गाँव में ही रहकर रोजगार करने का मौका मिलेगा, कम पढ़ी-लिखी महिलाओं के अनुसार ही सरकार रोजगार की व्यवस्था गाँव में करे जिससे महिलाएं मनरेगा के अलावा भी काम कर सकें।'' ये कहना है कठवारा ग्राम पंचायत में रहने वाली मुन्नी देवी का, ये किसान यूनियन संघ की ब्लॉक अध्यक्ष भी हैं।

अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2015 को लाल किले से कहा था, “स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया’ में क्या हम दुनिया में नंबर एक नहीं हो सकते। नैस्कॉम के मुताबिक स्टार्टअप ईको सिस्टम के मामले में भारत दुनिया में पांचवें नंबर पर है। हर वर्ष स्टार्टअप की संख्या बढ़ रही है।''

नई सरकार से रोजगार देने के मामले में सीमा देवी (38 वर्ष) कहती हैं, “गाँव की महिलाओं की स्तिथि को ध्यान में रखकर रोजगार दिया जाए जिसे वो आसानी से कर सकें, घर में रहकर ही अगर छोटे-छोटे काम करने को मिलेंगे तो सभी महिलाये अपने आपको मजबूत पाएंगी।'' वो आगे कहती हैं, “मोदी सरकार से हमे बहुत भरोसा है वो हमारे हित में जरुर काम करेगी।''

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