मछली पालन की सही जानकारी लेकर पाल सकते हैं छह तरह की मछलियां

मछली पालन की सही जानकारी लेकर पाल सकते हैं छह तरह की मछलियांप्रतीकात्मक फोटो, साभार: इंटरनेट

मछली पालन की सही जानकारी के लिए जनपद में स्थित सहायक निदेशक मत्स्य/मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण के कार्यालय से सम्पर्क किया जा सकता है। साथ ही मण्डल के मण्डलीय उप निदेशक मत्स्य कार्यालय से भी सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

मछली पालन में मुख्य रूप से छह तरह की मछलियां पाली जाती हैं। इनमें भारतीय मेजर कार्प में रोहू, कतला, मृगल (नैन) और विदेशी मेजर कार्प में सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प तथा कामन कार्प मुख्य है। मछली पालन के बीज के लिए जनपद के मत्स्य पालक विकास अभिकरण से सम्पर्क किया जा सकता है।

जहां से मत्स्य बीज का पैसा जमा कराने पर अभिकरण द्वारा मत्स्य विकास निगम की हैचरी से मत्स्य बीज प्राप्त कर मत्स्य पालक के तालाब में डाला जाता है। इसके साथ ही मत्स्य पालक जनपदीय कार्यालय में मत्स्य बीज का पैसा जमा कराकर सीधे निगम की हैचरी से अपने साधन से मत्स्य बीज तालाब में डाल सकता है।

ओपिनियन पीस: डॉ. गोविंद कुमार वर्मा, वैज्ञानिक (पशु पालन एवं मत्स्य) कृषि विज्ञान केन्द्र।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

Share it
Top