बहू के लिए ज़मीन गिरवी रखकर महिला बनवा रही शौचालय

बहू के लिए ज़मीन गिरवी रखकर महिला बनवा रही शौचालयज़मीन बेचकर शौचालय बनवाती महिला।

प्रशांत श्रीवास्तव, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

बहराइच। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ योजना अधिकारियों की लापरवाही के कारण बहुत धीमी गति से चल रही है लेकिन हमारे समाज की कुछ महिलाओं ने इस अभियान में एक नई मिसाल गढ़ी है। अपना सब कुछ दांव पर लगाकर अपने घरों की बहू, बेटियों की इज्जत के लिए अपने घरों में शौचालय बनवा रहे हैं।

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जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर पश्चिम शिवपुर ब्लॉक के अलीनगर ग्राम सभा में रहने वाली 50 वर्षीय सकीना अपने आठ लोगों के परिवार के साथ एक कच्चे मकान में रहती हैं। उनकी परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती है। घर के दरवाजे पर शौचालय के लिए खुद रहे गड्ढे को दिखाते हुए बताती हैं, “हमारे छह बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी कर दी है और अब अपने दूसरे नंबर के बेटे शमसुद्दीन का गौना (शादी) मिहींपुरवा ब्लॉक के मोतीपुर गाँव से कर रही हूं। घर में बहू आ रही है इसलिए जमीन के नाम पर बचा दो बीघे का टुकड़ा भी बीस हजार रुपए पर गिरवी रख दिया है और उन्ही पैसों से शौचालय बनवा रही हूं।”

सकीना ने जिस जज़्बे के साथ अपनी रोजी रोटी के साधन को गिरवी रख शौचालय का निर्माण कराया है, वह एक मिसाल है। मिसाल, उन लोगों के लिए जो आज भी अपने घरों में शौचालय बनवाने के लिए सरकारी मदद का इंतजार कर रहें हैं।

अपनी बहू-बेटियों के लिए उठाया कदम

आगे की रोजी रोटी के बारे में पूछने पर बताया, “हमारे दो लड़के बाहर कमाने गए हैं। उसी से घर का खर्च चलेगा लेकिन घर की बहू खुले में शौच के लिए जाए, ये नहीं होने दूंगी।” सरकारी मदद के बारे में पूछने पर कहा, “भैया प्रधान जी को अगर कुछ करना होगा तो कर देंगे, नहीं तो हमको किसी की जरूरत नहीं है। ये सब हम अपने घर की बहू बेटियों के लिए कर रहे हैं तो सरकार और प्रधान का इंतजार थोड़ी न करेंगे।”

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