मानव श्रृंखला बनाकर महिलाओं ने प्रधानमंत्री से की ग्रामीण दिवस मनाने की मांग

मानव श्रृंखला बनाकर महिलाओं ने प्रधानमंत्री से की  ग्रामीण दिवस मनाने की मांगमानव श्रृंखला बनाकर महिलाओं ने ग्रामीण दिवस मनाने कीमांग की।

दिव्यांशु उपाध्याय
कम्युनिटी जर्नलिस्ट

वाराणसी। आराजीलाइन ब्लॉक के रामसीपुर गाँव में होप संस्था के तत्वधान में गाँव की सैकड़ों महिलाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर प्रधानमंत्री से ग्रामीण दिवस घोषित करने की मांग की।

महिलाओं ने कहा 70% आबादी गाँव में रहती है इसलिए गाँव के नाम भी एक दिवस होना चाहिए।ग्रामीण महिला श्यामदुलरी ने कहा, “सरकारी योजनाओं को गाँव तक पहुंचने में वर्षों लग जाते हैं वह भी आधी अधूरी पहुंचती हैं। इन सभी समस्याओं का निदान स्वत: हो जाए, जिसके लिए हम सभी माताएं ग्रामीण दिवस की मांग कर रहे हैं।”

क्यों मनाया जाये ग्रामीण दिवस
ग्रामीण दिवस मनाने से गाँवों को विकसित रूप लेने में मदद मिलेगी क्योंकि ग्रामीण दिवस के दिन विदेशी पर्यटक गाँवों के रुख करेंगे, एनआरआई अपने अपने से लगाव महसूस करेंगे, मीडिया उस दिन गाँवों के खबर पर ही फोकस करेगी जिससे गाँवों की दशा और दिशा का पता चल पाएगा, सरकार जो फण्ड गाँवों को आवंटित करती है उसको एक साल के अंदर गाँवों में लगा देने का दबाव अधिकारियों पर रहेगा, ग्राम प्रधान की कार्य संस्कृति में इजाफा होगा।

गाँव कनेक्शन

अन्य दिवस की तुलना में ग्रामीण दिवस ज्यादा महत्वपूर्ण क्यों

गाँव में कार्य करने के दौरान हमने पाया गाँव विकास के दौर में कोसों पीछे है यहां की ग्रामीण संस्कृति लुप्त हो रही है तथा ग्रामीण परिवेश को हेय दृष्टि से देखने का नया दौर शुरु हुआ है सरकारी योजनाएं गाँव तक पहुंचने में वर्षों लग जाते हैं वह भी आधी अधूरी पहुंच पाते हैं इन सभी समस्याओं का निदान स्वत हो जाए इसके लिए हम युवा ग्रामीण दिवस की मांग कर रहे हैं।

फोटो: गाँव कनेक्शन

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