सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट रजिस्टरी से मांगा जवाब

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नई दिल्ली (भाषा)। उच्चतम न्यायालय ने जिला न्यायाधीश परीक्षा 2015 में असफल रहे 46 अभ्यर्थियों की याचिका पर पटना उच्च न्यायालय रजिस्टरी से जवाब मांगा है। अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाकर परीक्षा के अंतिम परिणाम को निरस्त करने का आग्रह किया है। न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला और न्यायमूर्ति एसए बोबडे की पीठ ने अभिमीत सिन्हा और जितेंद्र भारती सहित अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर उच्च न्यायालय से जवाब मांगा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुल 99 रिक्तियां थीं, लेकिन साक्षात्कार में केवल नौ अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया।    

याचिका में कहा गया कि लिखित परीक्षा के बाद कुल 69 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इसमें आरोप लगाया गया है कि लिखित परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 60 उम्मीदवारों को साक्षात्कार में 50 में से 10 से कम नंबर दिए गए और परिणामस्वरुप उन्हें असफल घोषित कर दिया गया। अधिवक्ता नौशाद आलम के जरिए दायर की गई याचिका में कहा गया कि बिहार प्रवर न्यायिक सेवा परीक्षा में चयन न होने से अभ्यर्थी ‘‘गंभीर स्थिति'' में हैं। इसमें कहा गया कि सीधे बार से 99 जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए आयोजित परीक्षा में साक्षात्कार में पास होने के लिए कुल 50 अंकों में कम से कम 10 अंक अर्जित करने का मानदंड तय किया गया है, 60 अभयर्थियों को 10 से कम नंबर मिले।

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