सूखे के शिकार किसान से बैंक कर्मचारियों की बदसलूकी

सूखे के शिकार किसान से बैंक कर्मचारियों की बदसलूकीgaoconnection

बाराबंकी। बैंक में सूखा राहत चेक लगाने के महीनों बाद भी पैसा नहीं आने पर बैंक में जानकारी लेने पहुंचे किसान की बैंक कर्मचारियों ने पिटाई कर दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी बैंक कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पूरे चोरई मजरे कोटवा सड़क निवासी किसान श्रवण कुमार (35 वर्ष) ने मार्च के महीने में सूखा राहत के मिले चेक को कोटवा सड़क स्थित आर्यवर्त ग्रामीण बैंक में अपने खाते में लगाई थी। उसके बाद से वो लगातार बैंक के चक्कर लगाता रहा। शुक्रवार को वो फिर बैंक पहुंचा और बैंक कर्चमारियों से चैक के स्टेट्स के बार में पूछने लगा। कोई जवाब नहीं मिलने श्रवण कुमार ने तेज आवाज़ में बैंक कर्मचारियों को शिकायत उनके अधिकारियों से करनी की धमकी, जिसके बाद भड़के कैशियर और दूसरे कर्मचारियों ने उसकी पिटाई कर दी।

श्रवण बताते हैं, "बैंक का चक्कर लगा लगाकर मैं परेशान हो गया था तो शुक्रवार को मैंने कैशियर से कहा कि तुम्हारी बड़े अधिकारियों से शिकायत करूंगा। इसके बाद कैशियर मेरा कॉलर पकड़कर अंदर कमरे में ले गए। मारपीट कर मुझे करंट लगाने की कोशिश की। और धमकी देते हुए कहा कि बैंक में चोरी के इल्जाम में अंदर करवा दूंगा।"

वो आगे बताते हैं, "दो दिन पहले किसान क्रेडिट कार्ड का नोटिस भी घर पहुंचा था। इस बारे में भी बात करनी थी, लेकिन बैंक कर्मचारी कभी ढंग से बात नहीं करते। ग्रामीण इलाकों में तो एक ही बैंक में जाना होता है, अगर ये ऐसे व्यवहार करेंगे तो हम लोग कहां जाएंगे।" श्रवण के साथ बैंक कर्मचारियों की बदसलूकी के दौरान वहां काफी भीड़ थी। एक ग्राहक ने पूरे मामले का वीडियो बना लिया। श्रवण की शिकायत और वीडियो से साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी कैशियर और दूसरे कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

अपर पुलिस अधीक्षक शफीक अहमद ने बताया, वीडियो से साफ लग रहा है बैंक कर्मचारियों ने गलत व्यवहार किया है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई होगी।" कर्मचारियों के रवैये से बैंक की फजीहत हो रही है। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के ब्रांच मैनेजर आरके सिंह ने कहा, बैंक में स्टॉफ की काफी कमी है, लेकिन कोई कर्मचारी ऐसे ग्राहकों से बात नहीं कर सकता है। हमारे कर्मचारी ने ही गलती की है। उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ऐसे व्यवहार से बैंक की इमेज खराब हो रही है।"

हालांकि आरोपी कैशियर वीरेंद्र वर्मा के सफाई देते हुए कहा, श्रवण कुमार ने शराब पी रखी थी और हंगामा कर रहा था, हम लोग उसका गमछा पकड़कर बैंक मैनेजर के पास तक ले गए थे। बाकी ऐसी कोई बात नहीं हुई।"

रिपोर्ट - सतीश कश्यप

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