स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी से परेशान ग्रामीण

स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी से परेशान ग्रामीणgaonconnection

बसारी (बाराबंकी)। गाँवों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए सरकार प्राथमिक स्वास्थ केंद्र बनवाती है, लेकिन जिले के बसारी, आटंभा, मढ़ी और टिकुआ गाँवों के लोग अपने इलाज के लिए गाँव से पांच से छह किमी. दूर सरकारी अस्पताल में जाना पड़ रहा है।

बासारी गाँव के निवासी विजयकुमार (46 वर्ष) अपनी परेशानी बताते हुए कहते हैं, “गाँव से पांच किमी. दूरी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छेदा है, जिसके कारण हमें इलाज करवाने में परेशानी हो रही है। सबसे ज़्यादा दिक्कत गाँव की महिलाओं को होती है, अचानक तबीयत खराब हो जाने पर गाँव में तुरंत इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है।’’गाँव से सरकारी अस्पताल की दूरी के कारण ग्रामीणों को गाँव के झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है। इसमें सही इलाज की कोई गारंटी भी नहीं रहती है।

गाँवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कमी पर बाराबंकी के मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार बताते हैं , “पूरे जिले में करीब 1200 ग्राम पंचायतें हैं, ऐसे में सभी गाँवों में अस्पताल खुलवाना असंभव है। गाँवों में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उप्लब्ध हों, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर समय-समय पर डॉक्टरों की टीमें गाँवों का मुआयना करती रहती हैं।’’

बसारी गाँव से नज़दीक मढ़ी गाँव के श्यामू सिंह (34 वर्ष) कहते हैं कि गाँव के आसपास कोई भी सरकारी अस्पताल नहीं है और जो हैं भी वहां पर कभी-कभी ही डॉक्टर मिलता है। अस्पताल न होने से रात-बिरात किसी की तबीयत खराब हो जाने पर उसे तुरंत शहर अस्पताल ले जाना पड़ता है। “स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित तौर पर डॉक्टरों की मौजूदगी अनिवार्य है। कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आ रहा है, तो इसकी जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।’’ सीडीओ, ऋषिरेंद्र ने आगे बताया। 

छात्र पत्रकार - आरती देवी

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क 

शारदा विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बाराबंकी।

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