गाँवों को मुख्य शहरों से जोड़ना, रोडवेज के लिए टेढ़ी खीर

गाँवों को मुख्य शहरों से जोड़ना, रोडवेज के लिए टेढ़ी खीरराज्य परिवहन निगम द्वारा शहरों से गांवों को जोड़ने की योजना

पुष्कर पाल- कम्युनिटी जर्नलिस्ट (किसान)

रायबरेली। सरकार कई बार ये दावे कर चुकी है कि गांव तक सीधे बस सेवा पहुंचाई जा रही है, लेकिन हजारों गांव बस सेवा से कटे हुए हैं। राज्य परिवहन निगम द्वारा शहरों से गांवों को जोड़ने की योजना को जैसे जिलों तक पहुंचते-पहुंचते ही लकवा मार जाता है।

रायबरेली जिले के खीरों ब्लॉक से कानपुर जाने के लिए टाटा-मैजिक ( छोटी सवारी गाड़ी) में बैठे राज किशोर (45) कहते हैं, “काफी पहले सुना था जिले में खीरों से कानपुर तक जाने के लिए एक नई बस चलने वाली है पर अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। न जाने कब तक हम लोगों को यूं धक्के खाने होंगे।”

रायबरेली रोडवेज विभाग के तहत अभी तक जिले में इन्हौना से कानपुर, अठेहा से कानपुर और अमावां से जगदीशपुर होते हुए फैजाबाद तक की बस चलाई जा रही हैं। जिले में रोडवेज़ बसों के संचालन के बारे में रायबरेली रोडवेज़ बस स्टेशन के एआरएम आरपी सिंह ने बताया कि जिले नें परिवाहन विभाग से बसों के संचालन के लिए जैसा अनुबंध स्वीकृत होता उसी के हिसाब से बसें चलाई जाती हैं। खीरों से कानपुर के लिए अभी परमीशन नहीं है , इसलिए अभी यहां बस सुविधा नहीं शुरू हो सकी है।

जीपीएस सिस्टम खराब, नहीं पता चल पा रहा बसों का आवागमन

जीपीएस सिस्टम जिस संस्था व्दारा लगवाया गया था उससे इसे पुनः ठीक करवाने के लिए बोला गया है। हफ्ते दस दिन में यह ठीक करवा लिया जाएगा।
आरपी सिंह, जिला एआरएम, (रोडवेज)


रायबरेली जिला बस स्टेशन पर बसों की मौजूदगी व उनके संचालन का हाल जानने के लिए लगवाया गया जीपीएस सिस्टम पिछले सात महीनों से खराब पड़ा है। इससे ना सिर्फ विभाग को बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं बल्कि स्टेशन पर बसों का इंतज़ार कर रहें लोगों को असुविधा हो रही है।

''जीपीएस सिस्टम जिस संस्था व्दारा लगवाया गया था उससे इसे पुनः ठीक करवाने के लिए बोला गया है। हफ्ते दस दिन में यह ठीक करवा लिया जाएगा।'' जिला एआरएम, (रोडवेज) आरपी सिंह बताते हैं।

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