फिसड्डी साबित हो रही, फल और दूध वितरण योजना

फिसड्डी साबित हो रही, फल और दूध वितरण योजनाजनपद बहराइच के गाँव अमवा के सरकारी स्कूल में बच्चों को नहीं मिलता फल-दूध

अतुल पांडेय- कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

श्रावस्ती। प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को सप्ताह के एक दिन, एक गिलास दूध और फल वितरण करवाने की ज़िम्मेदारी विद्यालय प्रशासन को दी गई थी पर ज़मीनी स्तर पर यह योजना कारगर नहीं साबित हो पा रही है।

ग्राम पंचायत अमवा के खनपुरवा गाँव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा-पांच के छात्र रोहित बताते हैं, ''स्कूल में फल और दूध आज तक नहीं मिला है और मिड-डे-मील भी हर दिन नहीं बनता है। अध्यापक अपने मन से जब चाहे तब स्कूल आते हैं। कभी-कभी जल्दी छुट्टी भी हो जाती है।

जनपद बहराइच के हरिहरपुररानी ब्लॉक के ग्रामसभा अमवा के सरकारी स्कूलों में आज तक बच्चों को ना तो फल मिला और ना ही दूध। यह हाल अमवा ग्रामसभा के प्राथमिक विद्यालय अमवा, खनपुरवा, दत्तनगर, भवनियापुर का है।

स्कूलों में फल-दूध ना उप्लब्ध कराने की बात कहते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि खुर्शीद अहमद बताते हैं, "सभी स्कूलों में फल और दूध वितरण के लिए अभी बजट नहीं मिला है, जैसे ही पैसा आएगा स्कूलों में फल और दूध बटवाएंगे।''

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