गाँव में आज तक नहीं आई कोई बस सेवा, 30 किमी पैदल चलने के बाद मिलती है बस

गाँव में आज तक नहीं आई कोई बस सेवा, 30 किमी पैदल चलने के बाद मिलती है बससोनभद्र के रामपुर गाँव में आज तक परिवहन का भी कोई साधन नहीं है। ग्रामीणों को 30 किमी. पैदल चलने के बाद गाड़ी का साधन मिलता है।

कम्युनिटी जर्नलिस्ट- शिवशंकर

कक्षा- 12 उम्र- 17

स्कूल- प्रकाश जीनियस इण्टर कालेज

बारकोनिया (सोनभद्र)। गाँव के विकास की रूपरेखा सरकारी दफ्तरों में सिर्फ कागजों में बंद पड़ी है। कागजों में गाँवों में विकास हो रहा है, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट है। सोनभद्र के कई ऐसे गाँव हैं जहां ग्रामीणों को आने-जाने के लिए 30 किमी. तक कोई भी साधन नहीं है। ग्रामीणों को पैदल या फिर अपने साधन से वहां तक पहुंचना पड़ता है।

जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी. दूर बरकोनिया के रामपुर गाँव के लोगों को अभी तक साधन की सुविधा मुहैया नहीं हो सकी है। रामपुर निवासी सोहन लाल (50 वर्ष) बताते हैं, "गाँव में आज तक परिवहन का भी कोई साधन नहीं है। ग्रामीणों को 30 किलोमीटर पैदल चलने के बाद गाड़ी का साधन मिलता है। जिसके चलते हमारा गाँव काफी पिछड़ गया है।"

इसी गाँव में रहने वाले छात्र मुकेश कुमार का कहना है, "मेरे गाँव में न तो अच्छी सड़क है न ही कोई इंटर कालेज है। प्राइमरी स्कूल तो है लेकिन उसमें पढा़ई नहीं होती है। हम लोग पढ़ने के लिए लगभग 50 किलोमीटर दूर राबर्ट्सगंज जाते हैं। वहीं पर रह कर पढ़ाई पूरी करते हैं। सड़क इतनी खराब है कि गाड़ी चल ही नहीं सकती और न तो हमारे गाँव मे कोई नहर की सुविधा भी नहीं है।"

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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