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सफाईकर्मी नहीं आता है, तो इस महिला ने उठाया मोहल्ले की सफाई का बीड़ा

सफाईकर्मी नहीं आता है, तो इस महिला ने उठाया मोहल्ले की सफाई का बीड़ाअपने मोहल्ले की सफाई करती पिंकी।

कम्युनिटी जर्नलिस्ट- कविता द्विवेदी
बाराबंकी। स्वच्छ भारत अभियान भले ही भारत में बहुत तेजी से चलाया गया हो लेकिन कहीं-कहीं अभी भी स्वच्छता का नामोनिशान नहीं मिलता है। ऐसी ही बानगी देखने को मिली लखपेड़ा बाग मोहल्ले में जो कूड़े से पटा पड़ा है। इसी मोहल्ले की रहने वाली पिंकी ने मोहल्ले को साफ रखने का बीड़ा उठाया है।

जनपद के लखपेड़ा बाग मोहल्ले में जहां सब लोग स्वच्छता का ध्यान न रखते हुए घरों का कूड़ा मोहल्ले में ही इधर-उधर फेंकते रहते हैं। सफाईकर्मी न होने की वजह से यहां हमेशा गंदगी बनी रहती है। इस कारण यहां की रहने वाली पिंकी ने साफ-सफाई का जिम्मा उठा लिया। पिंकी पिछले पांच सालों से अपने आस-पास और पास ही में बनी पाठशाला के पास के कूड़े को साफ करती थी, लेकिन अब कूड़े का ढेर इतना हो गया है कि एक महिला उसे अकेले नहीं साफ कर सकती लेकिन फिर भी पिंकी ने हार नहीं मानी अकेले ही सफाई का कार्यक्रम जारी रखा।

जब प्रधानमंत्री झाडू लगा सकते हैं तो मैं तो एक आम इंसान हूं। यहां केवल सड़क पर झाड़ू लगाने वाला आता है और सब यहीं कूड़ा डालते हैं।
पिंकी, कार्यकर्ता

जब उनसे पूछा गया कि आप इन लोगों को कूड़ा डालने से मना क्यों नहीं करती तो पिंकी ने कहा, “मैंने सबको मना किया, लेकिन कोई मेरी बात नहीं मानता तो मैंने उसी दिन से स्वयं सफाई करना शुरू कर दिया लेकिन अब कूड़ा इतना ज्यादा हो गया कि मैं अकेले पूरा साफ नहीं कर सकती लेकिन मैं हार नहीं मानती। आज भी अपना पूरा प्रयास करती हूं।”

स्कूली बच्चे न बीमार पड़ें इसलिए की शुरुआत

पिंकी ने कहा कि प्राथमिक पाठशाला के बच्चे भी यहां पड़े कूड़े से बीमार हो सकते हैं क्योंकि यह कूड़े का ढेर प्राथमिक पाठशाला के बगल में ही है तो मैंने सोचा कि अगर मेरे एक कदम से सब लोग स्वच्छ जिंदगी जी सकते हैं तो मैंने यह कदम बढ़ाया। जहां पिंकी सफाई करती हैं वह जगह डीएम ऑफिस से एक किमी. की दूरी पर प्राथमिक पाठशाला जलालपुर के पास की है। यहां केवल सड़क साफ होती है कूड़े का मैदान नहीं।

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