यहां स्कूल जाने से पहले हैंडपंप से पानी भरकर लाते हैं बच्चे

यहां स्कूल जाने से पहले हैंडपंप से पानी भरकर लाते हैं बच्चेwater problem

कम्यूनिटी रिपोर्टर: नेहा सैनी

उम्र-18 वर्ष, कक्षा-12

स्कूल-किसान इंटर कॉलेज, तिर्वा-कन्नौज

तिर्वा/कन्नौज। नगर पंचायत की टंकी से होने वाले पानी की सप्लाई में आए-दिन कीड़े निकलते हैं, जिससे लोगों को बीमारियां फैलती हैं। कई महीने से चल रही दूषित जल की आपूर्ति से लोग परेशान हैं। पानी के लिए हैंडपंप पर भटकना पड़ता है। आलम यह है कि सुबह स्कूल जाने से पहले यहां रहने वाले छात्र-छात्राओं को पानी हैंडपंप से लाना पड़ता है।

तब फेंकना पड़ता है पानी

कस्बे के सुभाषनगर में इस समय स्वच्छ पानी न मिलने की समस्या अधिक है। हैंडपंपों का अभाव है। टंकी से आने वाला पानी गंदा होता है। आसपास स्वच्छ जल न मिलने की वजह से मजबूरन लोग उसका इस्तेमाल करते हैं। कभी-कभी उसमें कीड़े भी आ जाते हैं। कमला सैनी बताती हैं कि जब वह पानी से आटा गूंदती हैं और सब्जी में डालती हैं तो उसमें कई बार कीड़े दिखे। पानी पीने के लिए जब लिया तो उसे फेंकना पड़ा है।

दूषित पानी से फैल रही बीमारियां

कस्बे के श्यामसुंदर का कहना है कि दूषित पानी से तरह-तरह की बीमारियां फेल रही हैं। डॉक्टर भी टंकी के पानी का प्रयोग न करने की सलाह देते हैं। पूर्व में पाइप लाइन फट से जाने से लोगों की मुसीबतें अधिक बढ़ गईं थीं। अब भी कभी-कभी गंदा और कीड़ेयुक्त पानी आता है। स्वच्छ पानी के लिए दूर जाना पड़ता है। स्कूल जाने वाली छात्राओं को सुबह तैयार होने में दिक्कत होती है। वह समय से स्कूल पहुंचे या दूर से पानी भरने जाएं। अन्य विकास कार्य तो ठीक हुए हैं, लेकिन पानी की समस्या अधिक है। मच्छरों का प्रकोप अधिक होने से मलेरिया फेलने का डर है। वैसे भी डेंगू और चिकुनगुनिया खूब चल रहा है। कई मरीजों में इन बीमारियों की पुष्टि भी हो चुकी है। अन्य मोहल्लों में भी गंदा पानी घरों में पाइप लाइन से पहुंचता है।

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