सब्जी की खेती से बुंदेलखंड के किसानों के आएंगे अच्छे दिन

सब्जी की खेती से बुंदेलखंड के किसानों के आएंगे अच्छे दिनबुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में सब्जियों की खेती करके फायदा कमा रहे किसान

चित्रकूट। सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में इस बार अच्छी बारिश हुई है, ऐसे में उन्हें सब्जियों की खेती करके फायदा कमाना सिखाना जा रहा है।

बुंदेलखंड में जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन हैं और वो अऩ्ना पशुओं से अपनी फसलें बचा ले जाते हैं उन्हें अच्छा फायदा होता है। बांदा, महोबा में बड़ी संख्या में किसान खेत तालाब, सौर ऊर्जा पंप की मदद से सब्जियों की खेती करने लगे हैं, जिसमें उनका मुनाफा भी बढ़ा है।

चित्रकूट जिले के कर्वी ब्लॉक के भुईहरी गाँव के किसानों को सूखे में काफी नुकसान उठाना पड़ा था। यहां के किसान बाजरा, ज्वार, गेंहू के अलावा दूसरी फसलों की खेती नहीं करते हैं, इससे उनके खाने भर का अनाज तो निकल जाता है, लेकिन कोई मुनाफा नहीं हो पाता है। ऐसे में यहां पर किसानों के लिए काम करने वाली गैर सरकारी संस्था सामाजिक विकास संस्थान किसानों को सब्जियों को बीज और पौधे देकर उन्हें कम खर्च में आमदनी करना सिखा रही है। ये संस्था ग्रामीणों को टमाटर, मिर्च, बैगन के पौधों के साथ ही मूली, पालक, धनिया के बीज भी देती है। इससे किसान कम जमीन में ही अधिक फायदा कमा सकता है।

हम लोग अभी तक बस अनाज की ही खेती करते आए हैं, लेकिन अब सब्जी की भी खेती करेंगे। पौधे मिल गए हैं, इस बार पानी भी खूब बरसा है, बिना सींचे ही खेत में इसे लगा सकते हैं।
दशरथ (60 वर्ष), भुईहरी गाँव के निवासी

सामाजिक विकास संस्थान किसानों को मुफ्त दे रहा सब्जियों के बीज और पौधे

सामाजिक विकास संस्थान के प्रमुख डॉ. विनोद शंकर सिंह कहते हैं, "सब्जियों की खेती से किसान अपने खाने भर का तो पैदा कर ही लेंगे। अगर अच्छी पैदावार हो गयी तो इसे बाजार में बेच भी सकते हैं। इसमें ज्यादा पानी भी नहीं लगता है। हैंडपम्प के पानी से ही सिंचाई कर सकते हैं।" इसके साथ ही किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा कि कैसे जैविक तरीके से घर पर ही घरेलू सामानों से उर्वरक और कीटनाशी बना सकते हैं, जिससे उनका अतिरिक्त खर्च नहीं होगा।

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