जब छात्रा ने पूछा, “क्या हमारे गाँव की दशा ऐसी ही बनी रहेगी?”

जब छात्रा ने पूछा, “क्या हमारे गाँव की दशा ऐसी ही बनी रहेगी?”गाँव में नहीं है बिजली, नालियां और सड़क  

कम्यूनिटी जनर्लिस्ट: लक्ष्मी देवी, कक्षा 12

सूरतगंज (बाराबंकी)। ग्राम जेवलि पोस्ट महमदपुर खाला सूरतगंज बाराबंकी की रहने वाली क्लास 12 की छात्रा लक्ष्मी देवी (16 वर्ष) बताती हैं, "हमारे गांव में न नालियां हैं, न बिजली है और न ही सड़क है।" लक्ष्मी आगे बताती हैं कि हमारे गाँव में नालियों की सबसे बड़ी समस्या है। हालांकि आधे गाँव में तो नालियां हैं, मगर आधे गाँव में नालियां ही नही बनी हैं। ऐसे में आधे गाँव का पानी नालियां न होने के कारण बीच सड़कों पर ही बहता रहता है, जिससे लोग काफी परेशान हैं।

प्रधान बिल्कुल नहीं देते ध्यान

लोगों की समस्या पर प्रधान बिल्कुल भी ध्यान नही दे रहे हैं, जिसके चलते आय दिन लोग बीमार पड़ रहे हैं। लक्ष्मी आगे बताती हैं, "वहीं, लाइट की समस्या ने भी अपना बोलबाला बना रखा है। वह भी कई दिनों तक गायब हो जाती है। कभी-कभी आती है पर वह भी समय से नहीं आती है। लाइट व नालियों की समस्या से परेसान ग्राम टेड़वा गदमानपुर फतेहपुर बाराबंकी निवासी नेहा कुमारी (15 वर्ष) बताती हैं, "आज कल सभी गाँव का यही हाल है। किसी गाँव में लाइट नहीं आती तो किसी गाँव में शौचालय नहीं बने हैं। गाँव की ऐसी दशा देख कर अब गाँव में जल्दी कोई आने को तैयार नहीं होता है। लड़कियों की शादियों में बहुत सी दिक्कतें आती हैं।

क्या गांव की दशा ऐसी ही बनी रहेगी?

पकरियापुर तहसील फतेहपुर की रहने वाली कुमारी राधा (16 वर्ष) बताती हैं, "जब हम किसी शहर को जाते हैं तो यहां सभी सुचारू रूप से चल रही व्यवस्थाओं को देखते हैं, वहां की लाइटिंग व्यवस्था पर नजर डालते हैं तब हमें अपने गाँव की दशा पर शर्मिंदगी महसूस होती है। हमें लगता है कि गाँव की दशा क्या सदैव ऐसी ही बनी रहेगी, गाँव कभी शहर नहीं बन पाएंगे।"

मुख्यमंत्री से किया अनुरोध

जेवलि टेंडवा व पकरियापुर की तरह ग्राम गढा मजरे पकरियापुर की बालिका प्रिया वर्मा (15 वर्ष) कहती हैं, "जहाँ माननीय अखिलेश यादव ने छात्र/छात्राओं के लिए इतना किया है, वहीं पर उनको हमारे गाँव की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। हम सभी अभी पढ़ाई करते हैं। उन्हें लाइट और सड़कों पर साथ ही गाँव में फैली गंदगियों पर विशेष बल देना चाहिए। जिससे हमारी पढ़ाई सुचारू रूप से हो सके।"

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