12 साल, ढाई लाख आबादी, आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पर सेवाएं से लोगों की पहुंच से दूर

12 साल, ढाई लाख आबादी, आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पर सेवाएं से लोगों की पहुंच से दूरगोंडा में बंद पड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गोंडा। करोड़ों खर्च करने के बाद भी अब तक आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बिजली का कनेक्शन नहीं लग पाया, जिससे ढाई लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं, ये स्वास्थ्य केंद्र महज दिखावा बने हैं और यहां पर डॉक्टर व मरीज जाना नहीं चाहते।

बसपा सरकार, सपा सरकार के कार्यकाल बीत गये लेकिन आम आदमी को स्वास्थ्य सुविधा दिलाने वाली सरकारें आठ अस्पताल के कमरों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा पायी। डॉक्टर व फार्मासिस्ट तैनात हुए और तबादला कराकर चले गए। इन अस्पतालों में पानी की टंकियां तो लगीं हैं, लेकिन बिना बिजली के सब बेकार है।

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14 अगस्त को कार्यदायी संस्था पैकफेड को डीएम का हवाला देकर पत्र लिखा गया है कि इन प्राथमिक स्वास्थ्यकेंद्रों के बिजली संयोजन की रसीद मुहैया करायी जाए, जिससे बिजली का कनेक्शन कराया जा सके। अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व डीएम को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कार्यदायी संस्था टस से मस नहीं हुई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके श्रीवास्तव

केस एक- बहराइच रोड पडरीकृपाल विकास खंड के मुडेरवामाफी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आधा दर्जन कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने से यहां वीरानी छाई है। डॉकटर आये और तबादला कराकर चले गए। यहां पर टंकी बनने के बाद से पानी नहीं भरा गया।

केस दो -विकासखंड झंझरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इमिलिया मिश्र में बिजली नहीं है और इससे जांच व परीक्षण का कार्य बाधित है। इससे यहां दो करोड़ का भवन बेकार हो रहा है।

केस तीन -विकास खंड परसपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्योरासी का भवन जर्जर हो रहा है, बिजली कनेक्शन न होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। दस गांव के मरीज इलाज का लाभ नहीं पा रहे हैं।

केस चार तरबगंज विकास खंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रांगी की चाहरदीवारी टूट गई, टंकी गिरने वाली है, बिजली व्यवस्था न होने से हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है।

केस पांच - विकास खंड वजीरगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियाडीह में मरीज नहीं आते, कारण बिजली न होने से इलाज नहीं हो पाता। यहां के दस गाँव के लोग परेशान हैं।

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हमारे यहां कोई रसीद लेकर नहीं आया कि पैसा जमा है, कनेक्शन नहीं हुआ, ऐसा मामला हमारे सामने नहीं आया है, रसीद दिखाये तो कनेक्शन करवा दिया जाएगा।।
अशोक यादव, अधिशासी अभियंता, पॉवर कारपोरेशन

केस छह- विकास खंड मनकापुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद झिलाही बाजार है, जहां बिजली न होने से अस्पताल बेमकसद साबित हो रहा है। कारण यहां पर कोई डॉक्टर व कर्मचारी रूकना नहीं चाहते।

केस सात - बभनजोत विकास खंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खम्हरिया में मरीज नहीं जा रहें है, कारण यहां पर बिजली न होने से स्वास्थ्य परीक्षण कार्य नहीं हो पा रहा है, विकास खंड छपिया के बीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चैपट है, कारण बिजली न होने से अस्पताल नहीं चल पा रहे हैं।ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

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